दुनियाचिड़ियों से मै बाज लडाऊ, गीदड़ों को मैं शेर बनाऊसवा लाख से एक लडाऊ, तभी गोबिंद सिंह नाम कहाउँ” -गुरु गोविंद सिंहगुरुवार, 14 मई 2020WhatsApp पर भेजें