बांदा / विगत सप्ताह में 25 सितंबर 2022 को जनपद बांदा के तहसील नरैनी अंतर्गत बालूखंड भूमि धरी पट्टे पर हो रहे अवैध खनन एवं परिवहन की शिकायतों के मद्देनजर,संयुक्त रूप से एक साथ 7 पत्रकारों की टीम ग्रामीणों द्वारा मिली जानकारी के तहत गई थी लहुरेटा बालू के खंड में कवरेज करने के लिए। अवैध खनन एवं परिवहन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के द्वारा सभा में घोषणा की गई थी कि किसी भी परिस्थिति,हालात में नहीं होने दिया जाएगा अवैध खनन एवं परिवहन,परिवहन सचिव के द्वारा भी घोषणा की गई थी नहीं होगा अवैध परिवहन जिसके साक्ष्य के लिए की गई थी वीडियो रिकॉर्डिंग,उसमें किया गया खंड संचालक के द्वारा विरोध,माननीय का प्राप्त है संरक्षण प्रशासन कर रहा है अनदेखी, नहीं हो रही किसी भी प्रकार की कार्यवाही, अवैध खनन एवं अवैध परिवहन चल रहा है पूरी तरीके से खुल्लम खुल्ला अवैध बालू का कारोबार, खनन माफिया पहुंचा रहे हैं उत्तर प्रदेश सरकार को राजस्व का नुकसान।असंवैधानिक रूप से बगैर जांच किए भेजा गया सात पत्रकारों को जेल। नरैनी पुलिस क्षेत्राधिकारी,पुलिस प्रशासन के द्वारा की गई असंवैधानिक कार्यवाही के चलते, मोबाइल छीनकर मिटाए गए साक्ष्य, किया गया मोबाइलों को जब्त। गिरफ्तारी के विरोध में सहयोगी पत्रकारों के द्वारा किया जा रहा है क्रमिक अनशन जो जनपद के अशोक लाट चौराहे पर अनवरत आज सातवें दिवस भी जारी है मिल रहा है अन्य क्षेत्रीय दलों का समर्थन। इसी क्रम में आज जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया बांदा इकाई के मनोनीत जिलाध्यक्ष,प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद भैरो प्रसाद मिश्र से मिलकर संबंधित प्रकरण पर उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग करते हुए सौंपा गया ज्ञापन। इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पूर्व सांसद भैरव प्रसाद मिश्र ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेकर अपने लेटर पैड पर हस्तलिखित मुख्यमंत्री को उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए लिखा पत्र,पत्रकार साथियों की मुहिम में एक सहयोग एवं आधार न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया। ज्ञात हो पुलिस क्षेत्राधिकारी नरैनी का कथन की पकड़े गए पत्रकार पत्रकार नहीं थे फर्जी थे तो हमारा सवाल है अगर यह फर्जी पत्रकार थे तो यह निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम को कवरेज करने के लिए जिला निर्वाचन आयोग ने इनका पास कैसे जारी किया और किस आधार पर किया इसका मतलब साफ है कि य तो पास जारी करने वाले फर्जी है य फिर सुनियोजित तरीके से गिरफ्तार किए जाने वाले पत्रकारों को फर्जी बताने वाले फर्जी है।

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