श्याम सुन्दर त्रिपाठी के साथ हरी शंकर की रिपोर्ट

बांदा कस्बे के अतर्रा रेलवे स्टेशन का हाल बेहाल होता जा रहा है जहां यात्रियों को आरक्षित टिकट आसानी से नहीं मिल पा रहे हैं ,वही आरक्षित टिकट में लगे कर्मचारी भी बदसलूकी करने से पीछे नहीं हैं इस स्टेशन से ज्यादातर यात्री सूरत वापी मुंबई लखनऊ, दिल्ली, जबलपुर, रायपुर बिलासपुर दुर्ग सहित झांसी कानपुर इलाहाबाद वाराणसी की ओर यात्रा करते हैं लेकिन इन यात्रियों को स्टेशन में मिलने वाली सुविधाओं का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है जानवरों की तरह टिकट खिड़की से लेकर ट्रेनों में चढ़ने तक मारा मारी करनी पड़ती है ।जबकि स्टेशन में जीआरपी की भी तैनाती होने के बावजूद तमाशबीन बने रहते हैं। वही स्टेशन परिसर में जगह-जगह गुटखे के पीक टिकट काउंटर से लेकर नजर आते हैं। अगर देखा जाए तो सरकार को इस रेलवे स्टेशन से काफी ज्यादा मात्रा में राजस्व प्राप्त होता है लेकिन फिर भी जनता को मूल सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। जंहा आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि सहित विभाग के आला अधिकारियों की नजर इस ओर नहीं पड़ी है यात्रियों ने मांग की है कि आरक्षित टिकट के कम से कम दो काउंटर खुलवाने चाहिए जिससे कि यात्रियों को आरक्षित टिकट लेने में कुछ आसानी हो सके एक ही टिकट खिड़की खुलने से यात्रियों की काफी भीड़ एकत्रित रहती है। कुछ लोग गुंडई व दबंगई के बल पर लाइन में लगे यात्रियों से बदसलूकी कर टिकट खिड़की में आगे आकर अपना टिकट बनवा लेते हैं और जो लाइन में लगे रहते हैं व लगे ही रह जाते हैं यही हाल तत्काल कोटा के टिकट लेने वाले यात्रियों के साथ भी होता है लेकिन फिर भी रेलवे के कर्मचारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कहने को अतर्रा राजनीति का गढ़ माना जाता है यंहा एक से एक बरिष्ट राजनेता है फिर वह चाहे सत्ताधारी पार्टी से जुड़े हुए हो या बिपक्ष से लेकिन यह सब जानते हुए भी मौन है कोई कुछ देखने बोलने को तैयार नहीं इन लोगों के इस रवैए को देखते हुए लगता है की अतर्रा नेतृत्व विहीन हो गया है।

Tagged in : # #auto #ऑटोमोबाइल #ऑटोमोबाइलबाजार #गाड़ी #car #birds#environment #CM-UP #CMbhupeshbaghel #covid19 #covid19#MPC#mudra #crime

Categorized in : All News उत्तर प्रदेश