27 अप्रैल 2022 का दिन था!मैं अपने मैसेज इंडिया 2022 के प्रोग्राम में व्यस्त थी!इसीलिए फोन पर मैसेज और कॉल नहीं देख पाई थी उस दिन!जब रात को मैं घर आई तो घर के सब सदस्य मुझसे बाते ही किए जा रहे थे!बातें करते करते रात के 11:45 बज चुके थे!अब मैंने घर के सभी सदस्यों से कहा कि मैं अब सोने जा रही हूं अब आप सब से कल बात करूंगी!सब ने कहा कि हां तुम आराम करो !

जैसे ही मैं बिस्तर पर सोने के लिए आई,मैंने अपना एक बार फोन देखा, तो फोन में बहुत सारे मिस कॉल और व्हाट्सएप पर मैसेज थे,कि दीदी आप कब फ्री होंगे आज!आप कहा हो ? आपने तो एक बार भी मेरी बात का उत्तर नहीं दिया!जब भी आप फ्री हो मुझसे जरूर बात करना!मैं बहुत डिस्टर्ब हूं आज!

मैं यह सब मैसेज पढ़ ही रही थी कि 12:00 बज चुके थे! 12:00 बजे मेरे पास फोन आया!फोन किसी और का नहीं था, 12:00 बजे उसी महिला का फोन था,जिसका नाम राधा था! जो पूरे दिन मुझे मैसेज और कॉल किए जा रही थी!

मुझे नींद तो बहुत तेज आ रही थी,लेकिन मैं राधा से पहले भी बात कर चुकी थी,जब एक पत्रकार से उसने मेरा नंबर ढूंढ निकाला था!इसी कारण मैंने रात को 12:00 बजे उसका फोन उठाया और उससे पूछा कि बताओ क्या परेशानी हो गई है?

राधा ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी शादी से पहले! माता पिता को राधा के लिए,रेलवे में सरकारी नौकरी वाला लड़का मिलते ही,माता-पिता ने बेटी को नौकरी कराने की और राधा ने नौकरी करने की कभी नहीं सोची,कि इस इंजीनियरिंग की डिग्री का कुछ इस्तमाल किया जाए!जिस सरकारी नौकरी वाले लड़के से राधा की शादी तय हुई थी,इत्तेफ़ाक से उसको भी मैं पहले से ही जानती थी! उसका नाम दीपक था! उसकी सरकारी नौकरी अपने पिता की जगह लगी थी!पिता ने खुद को बीमार (अनफिट) दिखाकर नौकरी से रिजाइन ले लिया था!यह सब एक चाल थी बेटे की नौकरी लगवाने के लिए!क्योंकि बेटा पढ़ाई में बुद्धू जो था!वह जानते थे कि इसकी नौकरी अपनी काबिलियत से तो कभी नहीं लगेगी!

रेलवे में सरकारी नौकरी लगते ही दीपक के तो रिश्तो की लाइन लग गई थी!सरकारी नौकरी लगना बस सबसे बुद्धिमान व्यक्ति बन गया था वह समाज की नजरों में!ऐसा मैं नहीं कहती हूं ऐसा समाज कहता है!

राधा की शादी दीपक से हो गई थी!बड़ी ही धूमधाम से शादी की गई !शादी में कार दी गई! इसके साथ-साथ ढेरों सामान!क्योंकि सरकारी नौकरी जो थी दीपक की! इसलिए कार देना तो जरूरी बनता था!

1 साल बड़े आराम से बिता दीपक और राधा का शादी के बाद!इधर राधा पूरे दिन घर का काम,बड़ों की इज्जत और उनके पसंद ना पसंद का ख्याल रखते हुए काम करती थी! घरवालों का बार बार यह कहना कि हमारे बेटे की सरकारी नौकरी है! इसी बीच राधा को एक प्यारी सी बेटी हुई!जिसका नाम कनक था!

2 साल तक तो राधा को पता नहीं चला!क्योंकि 2 साल तक तो राधा को मायके से ही पैसे मिलते रहे,कभी विदाई के नाम पर,कभी रस्मो के नाम पर और कभी त्योहारों के नाम पर! 2 साल के बाद,जब राधा ने अपने पति दीपक से खर्चे के लिए पैसे मांगे तो बदले में ताने मिले!दीपक ने साफ कहा कि मुझे बताओ क्या जरूरत है तुम्हें पैसों की! घर में सब राशन रखा हुआ है!किसी चीज की कमी है क्या तुम्हें?दीपक की हां में हां मिलाते हुए दीपक के माताजी और पिताजी ने भी दीपक का साथ दिया, कि बहू तुमको पैसों की क्या जरूरत है?

राधा ने शुरू में अपने घर में कुछ नहीं बताया,यही सब चलते और देखते ही देखते 4 साल शादी को निकल चुके थे!राधा का फोन,व्हाट्सएप,फेसबुक सब बंद करवा दिया गया था!कि इन सब की तुम्हें क्या जरूरत है अब!तुम्हारी शादी हो गई है,तो फिर अब किससे बात करोगी?

बीच-बीच में राधा पर दीपक ने हाथ भी उठा दिया!जब कोई चीज पसंद नहीं आई खाने और बाकी सब में!अब राधा खुद को पढ़ी लिखी अनपढ़ समझने पर मजबूर थी!और दुखी थी कि वह अब क्या करें? राधा अगर अपने माता-पिता से खर्चे के लिए पैसे मांगे तो दीपक को बहुत गुस्सा आता कि हमारी नाक कटवा कर ही रहोगी! और अगर इधर दीपक से पैसे मांगे खर्चे के लिए तो दीपक कहता कि मैं हूं ना, तुम्हें क्या जरूरत है पैसों की?

यही सब चलते चलते राधा और दीपक की बेटी 5 साल की हो गई!जो अरमान राधा सजा कर आई थी ससुराल में,कि पति की सरकारी नौकरी है उसको कुछ करने की अब जरूरत नहीं है! इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद भी उसने उस डिग्री का कोई फायदा नहीं उठाया था!और ना ही माता-पिता ने उसको उठाने दिया था!क्योंकि सरकारी नौकरी वाला जो लड़का मिल गया था!सोचा था बेटी बैठकर राज करेगी पति की कमाई पर! लेकिन यहां तो सब कुछ उल्टा हो गया था! बेटी राज कहां कर रही थी,वह तो भिखारी से भी बदतर जिंदगी जी रही थी, क्योंकि भिखारी जब भीख मांगता है तो उसको भीख में कुछ मिल तो जाता है,यहां तो राधा को मांगने पर भी कभी 500 रुपए क्या 100 रुपए तक नही मिल रहे थे!

राधा दुखी होकर अपने मायके आ चुकी थी, मायके आने के बाद राधा ने सोचा शायद दीपक को अब थोड़ी अक्ल आएगी!लेकिन दीपक और दीपक के माता-पिता राधा के मायके आते हैं,और राधा से सीधा कहते हैं कि तुम्हें जहां रहना है रहो,लेकिन तुम्हें पैसे देने के लिए हमारे बेटे के पास ना समय है,ना पैसा है!और ना ही तुम्हारी बेटी का खर्चा उठाने का समय है!दीपक अपने माता-पिता के पीछे मुंह छुपा कर खड़ा था!और राधा और राधा के माता-पिता से कह रहा था,मैं अपने माता-पिता की बहुत इज्जत करता हूं,मैं उनके सामने नहीं बोलता हूं!

अब राधा मुझसे इस समस्या का समाधान चाहती थी!वह मुझसे पूछना चाहती थी कि अब उसे क्या करना चाहिए? राधा का यह भी कहना था,अगर मैं अदालत जाती हूं,तो अदालत में भी बहुत समय लगता है खर्चा दिलवाने में वकील को!और अदालत में खर्चा लेने से पहले खर्चा करना होता है,जो मेरे पास खर्च करने के लिए नहीं है!

मैंने राधा से सीधे पूछा तुमने इंजीनियरिंग की पढ़ाई क्यों की थी?राधा ने सीधा जवाब दिया कि इसलिए की थी जिससे कि मुझे कोई अच्छा सरकारी नौकरी वाला लड़का मिल जाए!और वह मिला भी मुझे!मैंने राधा से आगे पूछा सरकारी नौकरी वाला लड़का मिलने से तुम्हें क्या फायदा हुआ? राधा ने कहा कुछ भी नहीं,मेरी जिंदगी तो और दुखी हो गई है!

मैंने राधा से आगे कहा तुमने अपना फायदा देखा और सरकारी नौकरी वाले दीपक ने अपना फायदा देखा, इंजीनियरिंग की डिग्री लिए लड़की से शादी कर के,लोगों को दिखा दिया उसने,कि सरकारी नौकरी में इतना दम है कि इंजीनियरिंग की हुई लड़की भी पीछे आती है!

राधा बार-बार मुझसे कह रही थी कि आप मेरे पति दीपक को समझा दो ना!मैंने राधा से साफ मना कर दिया था कि मैं दीपक को नहीं समझआऊंगी,उसको तुम समझाओगी! राधा को समझ में नहीं आ रहा था, राधा मुझसे कह रही थी,कि दीदी अगर वह मेरी बात मानते तो इन 6 सालों में मान चुके होते!इस तरह से मुझे ₹100 के लिए परेशान ना करते!

मैंने राधा से कहा मैं तुम्हें पैसे मांगने के लिए और दीपक को समझाने के लिए नहीं कह रही हूं! मैं तुम्हें फिर से अपनी पढ़ाई,इंजीनियरिंग की डिग्री का इस्तेमाल करने के लिए कह रही हूं!अगर तुम इस डिग्री का 6 साल में इस्तेमाल कर लेती तो, तुम्हें दीपक से ₹100 मांगने की जरूरत नहीं पड़ती! और ना ही तुम्हें भिखारी की जिंदगी जीनी पड़ती!काश तुम्हें अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री और खुद पर थोड़ा भी भरोसा होता, तो तुम आज इस तरह से मुझे 12:00 बजे फोन नहीं लगा रही होती!

इसमें गलती तुम्हारी नहीं है!इसमें गलती तुम्हारे माता-पिता की है!जो अपनी बेटियों को पढ़ाई तो करवाते हैं,लेकिन दिखावे के लिए!सरकारी नौकरी वाले लड़के के लिए!अच्छी-अच्छी डिग्रियां अपनी बेटियों को दिलवा देते हैं, लेकिन उन डिग्रियों का इस्तेमाल कैसे करना है,अपना भविष्य संवारने के लिए,यह समझ अधिकांश माता-पिता अपनी बेटियों को नहीं देते है!इसलिए ही सरकारी नौकरी वाला लड़का मिलने पर भी तुम जैसी बेटियों की यही हालत होती है! जो तुम्हारी हो रही है !जो न मायके की रहती है,ना ससुराल की रहती है!

मैंने राधा से आगे कहा,इसलिए राधा तुम आज से ही उसी तरह से पढ़ाई करो,जिस तरह से तुम शादी से पहले डटी हुई थी! बस अब तुम्हें यह सोच कर अपनी पढ़ाई करनी है,कि मुझे अपने पैरों पर खड़ा होना है!किसी के सामने ₹100 के लिए नहीं गिड़गिड़ाना है!

राधा आगे बोली यह बात तो मुझे किसी ने नहीं बताई,कि मैं भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हूं!अभी भी मुझे तो सब पति से खर्चा लेने और आदलत इन्हीं सब बातों की सलाह दे रहे हैं!

मैंने राधा से कहा जितना समय तुम खर्चा लेने में अदालत में लगाओगी पैसे लगाकर,इतने समय में तो तुम अपने पैरों पर खुद खड़ी हो जाओगी!क्योंकि तुम पढ़ी लिखी होनहार महिला हो!बस किसी ने तुम्हें तुम्हारी काबिलियत का अभी परिचय नहीं कराया है,तुम्हारे माता-पिता ने भी नहीं!

रात के 2:00 बज चुके थे!उधर राधा मुझे काफी ऊर्जा से भरी हुई नजर आ रही थी!और इधर मुझे भी बहुत चैन की नींद आ रही थी,क्योंकि राधा को पता चल चुका था कि अब उसको क्या करना है? मैंने राधा से कहा अब हम कल बात करेंगे,रात बहुत हो चुकी है तुम भी सो जाओ!

लेखिका डॉ हर्ष प्रभा मिसेज इंडिया फर्स्ट रनर 2022 समाज सेविका पर्यावरणविद एवं लेखिका

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