![]रूद्र मुख्य संपादक

रंग रंग रंग रंग रंगो की होली

बनाते हैं बेरंग मन की दुनिया को रंगदार । लाल,हरा,पीला,नीला,हरा और गुलाबी हैं भरते मन और मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा ।। तन,बदन भिगोने से पहले भिगोता क्यूं,नही कोई मन को प्रेम रंग में । प्रेम रंग नहीं कोई कच्चा रंग इसका चढ़ा रंग नही उतरता दिल से साल दर साल ।। गौर से देखो कभी, फलक भी रंगता हैं खुद का दामन सतरंगी रंगों से और करता हैं अपने को रंगीन इंद्रधनुषी रंगों से । प्रकृति और कुदरत भी रंग बिखेरती हैं अपने आंचल पर कई रंगों के रंग हैं मन के दर्पण हर रंग के साथ झलकती हैं उनकी पारदर्शिता और ऊर्जा ।। इस पारंपरिक उत्सव की हृदय की गहराइयों से शुभकामनाएं

![]स्नेहा कृति (रचनाकार)

Tagged in : #birds#environment #CMbhupeshbaghel #CMUK #CMUP #congress #covid19#MPC#mudra #crime #crime #police #dipawali #doctor #drugs

Categorized in : All News देश स्पेशल