यूक्रेन में रूसी हमले में 2 फुटबॉल खिलाड़ी की मौत की खबर है। विटाली सेपाइलो और दिमित्रो मार्टीनेंको की रूस के ताजा अटेक के चलते मौत हो गई हैं। फिफरो (FIFPRO) ने इन दोनों खिलाड़ियों के मौत की पुष्टी की है

।विटाली यूक्रेनी द्वितीय श्रेणी टीम के युवा खिलाड़ी थे वो द्वितीय श्रेणी टीम के Karpaty Lviv के लिए खेलते थे।जब की दिमित्रो मार्टीनेंको अपनी मां के साथ एक अपार्टमेंट में थे,दिमित्रो एफसी गोस्टोमेल के लिए एक शौकिया फुटबॉलर थे। दोस्तों अमेरिका और रुस का इतिहास रहा है, उनकी नीतियाँ हमेशा दूसरे देशों में युद्ध और अशांति के लिए उत्तरदायी रही है। चाहे फिर वह वियतनाम युद्ध हो,या क्यूबा मिसाइल संकट या फिर अफगानिस्तान सकंट या हाल ही मे घटित अर्मेनिया- अजरबैजान युद्ध । इन सभी राष्ट्रों के समान ही आज यूक्रेन संकट भी रूस और अमेरिका इन दोनों के मध्य वर्चस्व की लड़ाई का एक खिलौना मात्र बनकर रह गया है।1991 में सोवियत- संघ के विघटन के बाद जहां शीत युद्ध का अंत हो गया था। वही जैसे -जैसे रुस की आर्थिक स्थिति पुनः मजबूत होती गयी विश्व फिर से एक नवीन शीत युद्ध का अनुभव कर रहा है। -यह वास्तविकता है कि ये दोनों कभी भी एक दूसरे के साथ प्रत्यक्ष सैन्य प्रयोग नही करेगें। केवल द्दोटे राष्ट्रो को अस्थिर कर अपना शक्ति प्रदर्शन करेगें।जहाँ एक और अमेरिका स्वयं को मानवाधिकारो का रक्षक बताता है। वही दूसरी और वह भक्षक की भूमिका भी बखूबी निभा रहा है। और इसका जीवंत और नवीनतम उदाहरण अफगानिस्तान और यूक्रेन दिखाई पडता है।यूक्रेन में मानवता त्राहि – त्राहि कर रही है। परंतु देखिए इस वर्चस्व की लड़ाई में स्वतंत्रता,मानवता, मानवाधिकार इनका कोई अर्थ ही नही रह गया। अब आप स्वम् देखिए कि कितना अजीब है यह सब अभी कुछ ही माह पहले दुनिया अस्तित्व की लड़ाई लड़ते हुए घरों में दुबक गयी थी,सबको श्मशान वैराग्य हो चला था,लेकिन ज़रा सा हालात सामान्य होते ही दुनिया फिर से वर्चस्व की लड़ाई में मशगूल हो गयी!!

उफ़! ये ‘मनुष्य मन’! लेखक सुनील कुमार

Tagged in : #auto #ऑटोमोबाइल #ऑटोमोबाइलबाजार #गाड़ी #car #birds#environment #CMbhupeshbaghel #CMUK #CMUP #congress

Categorized in : All News दुनिया