दिनांक 19/12/12 स्थान सहस्त्रधारा रोड देहरादून खलंगा मेमोरियल मेन रोड स्थित स्मारक के पास एक देहरादून का सीएफजीडी CFGD सिटीजनस फॉर ग्रीन दून संगठन ने 2200 हरे पेड़ों को काटे जाने का विरोध किया मात्र सहस्त्रधारा सड़क चौड़ी करने के लिए । देहरादून शहर हरियाली और खूबसूरत घाटी के लिए मशहूर हैथी, पर्यावरण दृष्टि से बहुत ही कारगर ओल्ड रिटायर्ड सिटीजन और स्कूली बच्चों के लिए, पर स्मार्ट सिटी बनाने के चक्कर में इस शहर के स्मार्ट खूबसूरत लाखों पेड़ों की आहुति देदी जा चुकी है ।शहर को कुरूप बना दिया स्मार्ट की जगह । इस शहर में बसे बुजुर्ग और पढ़ने वाले बच्चे डरने लगे है, कारण सड़क की रफ्तार और हरे भरे जंगल, बाग और पेड़ो को काट कर कांक्रीट के जंगल को खड़ा कर दिया।
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पेड़ काटने आये है कुछ लोग मेरे गाँव में, अभी धूप तेज है कह कर बैठे है उसी की छाँव में ॥
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फिर एक कोशिश खुद को बचाने की…
इस मुहिम में काफी बौद्धिक समूह ने भाग लिया जिसमे छात्र,शोधकर्ता,कवि और लेखक जो रिटायर्ड अधिकारी या उनके परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इरा चौहान समाज सेविका , लोकेश ओहरी मानवविज्ञानी , इतिहासकार, लेखक , अभिषेक बिश्नोई इत्यादि ने अपने हस्ताक्षर मुहिम चला श्रंखला बना कर विरोध में माजूदगी दरशाई ।
SAVE TREES SAVE DOON
SaveEnvironment
SaveUttarakhand
ये विरोध सोशल मीडिया में काफी चर्चा में है देखना यह है की कब तक NGT और सरकार के कानो तक आवाज पहुंचे और बिना पेड़ काटे या कोई और विकल्प तलाश कर सड़क का चौड़ीकरण और सुंदरी कारण करे।
सांसे हो रही हैं है कम 🌳🌳🌳🌳
आओ बचाएं लगाएं पेड़ हम 🌳🌳🌳🌳
रूद्र भारतसत्य एडिटोरियल डेस्क
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