कल दिनांक 10 अक्टूबर को बक्सवाहा जंगल बचाओ अभियान के तहत एक वर्चुअल मीटिंग हुई जिसका संचालन कर रहे अनुराग विश्नोई ने बताया कि बक्सवाहा जंगल बचाओ अभियान के तहत 25 सितंबर और 26 सितंबर को 2 दिन का मंथन शिविर कार्यक्रम जो मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के बक्सवाहा के नैना गिरी में हुआ और अलग अलग प्रदेशों में पर्यावरण प्रेमियों ने जो कार्यक्रम किए उन कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और सभी पर्यावरण प्रेमी जो इस कार्यक्रम में शामिल थे और जिन्होंने अपने स्थान पर कार्यक्रम किए उन सभी का धन्यवाद किया गया, अलग-अलग प्रदेशों से आए पर्यावरण प्रेमियों ने वहां 2 दिन का मंथन शिविर मैं होने वाले कार्यक्रमों के लिए अपने विचार रखे और फिर सभी के विचारों से तय हुआ कि वहां स्थानीय लोगों के साथ वार्तालाप करने के बाद मिलकर एक कैंडल मार्च निकाला जाए जिसमे वहां के स्थानीय लोगों को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया और उन सभी के साथ भी वहां की परिस्थितियों के बारे में बात हुई स्थानीय लोगों ने बताया कि अगर बक्सवाहा जंगल के पेड़ काटे जाते हैं तो उनकी जीवनशैली पर क्या प्रभाव पड़ेगा क्योंकि स्थानीय लोगों ने बताया कि उन जंगलों से गांव में रहने वाले बहुत से लोगों का पालन पोषण होता है और वह अपनी जीवनशैली को चलाते हैं,कार्यशाला की अध्यक्षता पीपल नीम तुलसी अभियान के संरक्षक डॉ धर्मेंद्र जी द्वारा हुई और कार्यक्रम में विषय प्रवेश राजेश यादव जी ने किया, विषय प्रवेश के बाद राजेश यादव जी ने कहां की जल्द ही हम राष्ट्रीय समिति का गठन करेंगे जिसका कार्य अलग-अलग प्रदेशों में विकास के नाम पर हो रहे विनाश को रोकने के लिए होगा क्योंकि विकास के नाम पर बेजुबान पेड़ और बेजुबान पक्षियों की जो बलि चढ़ती है उसके बारे में कोई नहीं सोचता अतः वर्चुअल कार्यशाला में उपस्थित अलग-अलग प्रदेशों के पर्यावरण प्रेमियों ने यह निर्णय लिया कि जल्द ही पर्यावरण को और उन बेजुबान जीव जंतुओं को बचाने के लिए एक राष्ट्रीय समिति का गठन किया जाएगा कार्यशाला में पूनम खन्ना जी,उषा, हेमलता बिश्नोई,लीला पवार, केशव सिंह कीर्ति, डॉ धर्मेंद् ,आनंद पटेल, सुमित कुमार, राजीव कुमार शुक्ला,राजेश यादव,राजीव गोदारा,नेपाल सिंह, राकेश बिश्नोई, अक्षय कुमार,रामबाबू तिवारी,धर्म दीपक,विकास कुमार,प्रदीप कुमार,इंद्र कुमार,आचार्य राम कुमार बघेल,विशाल जैन,अनुराग विश्नोई,आदि उपस्थित रहे। वर्चुअल कार्यशाला में उपस्थित सभी पर्यावरण प्रेमियों ने अपने विचार रखें जिसके बाद सभी की सहमति के अनुसार यह तय हुआ कि जल्द ही पर्यावरण को बचाने के लिए राष्ट्रीय समिति का गठन हो, मीटिंग में कहा गया कि सभी पर्यावरण प्रेमी अपने परिचित लोगों से इसके बारे में वार्तालाप करके उन्हें भी इस मुहिम से जोड़े और पर्यावरण हमारे लिए कितना जरूरी है इसके बारे में बताएं और सभी पर्यावरण प्रेमियों से आग्रह किया कि आप सभी बक्सवाहा जंगल बचाओ अभियान (पर्यावरण बचाओ अभियान)में अपना योगदान दें और पर्यावरण बचाने की मुहिम में साथ दें।
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