भारत के 9 राज्यों से पर्यावरण प्रेमी, पर्यावरण योद्धा ने दो दिवसीय मंथन शिविर में शामिल होकर जंगल बचाओ अभियान को बल दिया, इस शिविर में देश के इन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश,बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र ,राजस्थान, राज्यों से पर्यावरणविद, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, जनांदोलन से प्रमुख कार्यकर्तायों ने शिरकत की दो दिवसीय शिविर में बक्सवाहा बंदर प्रोजेक्ट के तहत 382.131 हेक्टेयर वनभूमि से 2 लाख 15 हजार 875 पेड़ो की कटाई कर 3.42 करोड़ के हीरे का उत्खनन किया जा रहा है। जिससे बक्सवाहा के ऊपर गहरा संकट मंडरा रहा है, परियोजना में 17 गांवों से सीधे तौर पर 4500 परिवार से 20 हज़ार की जनसंख्या प्रभावित होंगे। वनवासी और जंगल पर आश्रित समुदाय के जीवन पर, सांसों व आजीविका का संकट गहराता जा रहा है। मंथन शिविर में प्रमुखता से इन विषयों पर सर्वप्रथम कार्यक्रम का उद्घाटन सरस्वती वंदना और प्रकृति गीत से किया।
इसके पश्चात नैनागिरी तीर्थ कर वन वाटिका मैं नीम, पीपल, वटवृक्ष आंवला, जामुन के वृक्ष लगाए । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि का उद्बोधन जिसमें रिटायर्ड आईएएस सुरेश जैन, विजया पाठक केन बेतवा आंदोलन, डॉ धर्मेंद्र कुमार नीम पीपल तुलसी अभियान, आराधना भार्गव सोशल एक्टिविस्ट, राजेश यादव सामाजिक कार्यकर्ता, सुनील दुबे वृक्ष मित्र के द्वारा बक्सवाहा जंगल बचाओ अभियान की आगामी रणनीति इस अभियान को राष्ट्रीय अभियान बनाने पर विचार एवं सुझाव दिए, न्याय प्रक्रिया एवं मुख्य पहलू पर चर्चा, कटते जंगल उजड़ता आशियाना, बेजुबान पशु,पक्षी, जीव जंतु की आवाज कैसे बने? जंगल पर आश्रित परिवारों की दशा और दिशा इन विषयों पर प्रमुखता से मंथन किया गया। शिविर में शामिल प्रतिभागियों ने मिट्टी तिलक, मिट्टी से स्नान, वृक्षारोपण, हस्ताक्षर अभियान, रात्रि सभा, रात्रि मशाल जुलूस और रैली निकाली एवं माननीय मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जी को चिट्ठी लिखकर इस परियोजना पर रोक लगाने के लिए एक सुर में आवाज उठाई। सभी ने बचन भी दिया कि हम देश में जहां भी जल, जमीन,जंगल और प्रकृति का हनन होगा वहां पर हम आवाज बनकर प्रकृति के साथ खड़े रहेंगे। देश में प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का नतीजा हम सभी ने कोरोना काल में सांसो के संकट से हम गुजर चुके हैं देश में ऑक्सीजन सोना, चांदी, हीरे, ज्वैलरी बेचकर भी हमें ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही थी, हमे प्राकृतिक ऑक्सीजन बैंक बनाने की जरूरत है। बक्सवाहा में जिन 7 स्थानों पर सेल चित्र है उन्हें विश्व धरोहर में शामिल किया जाए और उसके संरक्षण को लेकर सरकार काम करें । मंथन में सभी ने तर्क सहित अपनी बातों को प्रमुखता रखा जिसमें पर्यावरण सचेतक नेपाल सिंह पाल, दीपेश स्वामी पत्र पत्रकार, राकेश विश्नोई राष्ट्रीय लक्षण मंच, संतराम अहिरवार पर्यावरण प्रेमी, रविन्द्र शर्मा समाजसेवी, राकेश यादव एडवोकेट, सन्नी कुमार, गीता यादव, लीला पंवार, हरिओम पंवार, अंकुर जैन, विशाल जैन, गुड़िया ठाकुर, केशव सिंह कीर्ति पर्वतारोही, गोपी सौर ट्री मेन बक्सवाहा, निखिल जैन जीव जंतु रक्षक एवं अन्य सभी ने दो दिवसीय अपनी सक्रिय भूमिका निभाई।
संपादकीय डेस्क रूद्र भारतसत्य
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