आत्माराम त्रिपाठी की विशेष रिपोर्ट बांदा जनपद में एक समय ऐसा था जब पत्रकारिता की एक अलग पहचान थी अरूण खरें, संतोष निगम दादा, सुधीर निगम, संतोष गुप्ता, अशोक निगम,बच्चा सिंह, राजकुमार मिश्रा बागी, अवधेश सिंह गौतम मुकुंद गुप्ता, जयनारायण मिश्रा सहित दर्जनों ऐसे और अभी पत्रकार थे जो विवाद रहित पर कलम के धनी थे। जिनके कलम से निकलने वाले शब्द नेताओं अधिकारियों को बिचार करने को बाध्य कर देते थे।पर आज की पत्रकारिता में अंशू गुप्ता एवं देव सिंह जैसे कितने पत्रकार इस लाइन में आ गये है कि पत्रकारिता को शिखर तक पहुंचाने वाले उन कलम के धनी कलमकारों को भी शर्मिंदगी महसूस हो रही होगी जो आज शांत बैठ गए हैं। हम बात करते हैं आज अंशू गुप्ता एवं देव सिंह की जिन्होंने पत्रकारिता का दामन थामा है और आज इनकी अपराधिक मानसिकता के चलते लेखनी कलमकारों को शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है। तो चले हम पहले देव सिंह का अपराधिक इतिहास दिखाते हैं इनके बिरूद्ध सर्ब प्रथम 6/8/09को मुअस 94/09धारा 323,504,506केतहत रकीद पुत्र जुबैद निवासी ने मुकदमा पंजीकृत कराया था इसके बाद आनंद मोहन शर्मा बिकास अधिकारी चिल्ला ने मुअस 102/18मे धारा 323,353,504,506के तहत दर्ज करवाया फिर मुअस 63/19धारा 3युपी गुंडा एक्ट 25/3/19को एस एच ओ ब्रजेद्र सिंह ने दर्ज किया यह क्रम यही पे नहीं रूकता आगे मुअस30/21धारा 452,323,504,506के तहत पवन कुमार निगम पुत्र स्वर्गीय रमेश चंद्र निगम की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत किया जाता है फिर मुअस 56/4धारा501, आईपीसी वह 67आईटी एक्ट के तहत पुलिस अधीक्षक बांदा के आदेश पर साइबेरसेल की जांच रिपोर्ट के बाद थाना चिल्ला में मुकादमा हाल ही में पंजीकृत किया जाता है ।अब बारी आती है इसके साथी अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा थाना जसपुरा जिला बांदा की इनके बिरूद्ध मुअस जिनके बिरूद्ध गुलाब पुत्र कल्लू 6/2/016को थाना जसपुरा में शिकायती पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराये जाने की मांग करते हैं जिसपर मुअस 25/16धारा 323,504,506के तहत मुकदमा दर्ज अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा सहित राजमोहन पुत्र देवीदीन निवासी जसपुरा के किया जाता है वही इसके बाद गंगा दीन प्रजापति पुत्र मइयादीन निवासी कस्बा जसपुरा के प्रार्थना पत्र पर मुअस 26/16धारा 323,504,506के तहत मुकदमा दर्ज होता है जबकी रामकिशोर पुत्र दलपतिया प्रजापति निवासी जसपुरा के शिकायती पत्र पर जसपुरा थाना में मुअस 17/17धारा 323,504,506के तहत मुकदमा पंजीकृत होता हैं 21/3/017को यह क्रम यही नहीं रूकता आगे श्री मती राधा सिंह पत्नी महेंद्र सिंह निवासी गौरी कला थाना जसपुरा जिला बांदा उत्तर प्रदेश निवासी ने इसी अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा के विरुद्ध मुअस 45/18धारा 376,506के तहत तहरीर देते हुए 31/5/018को मुकादमा दर्ज कराया था फिर मुअस 127/17धारा 323,504,506एंव 3(1)10एससी एसटी एक्ट के तहत रामकिशोर पुत्र पूनम दास वर्मा निवासी जसपुरा के शिकायती पत्र पर पे थाना जसपुरा में ही लिखा गया तो 19/6/021को ऊषा निषाद पुत्री स्व रामचरण निषाद निवासी अमान डेरा साड़ी थाना पैलानी निवासिनी के तहरीर पर मुअस 83/2021धारा 504/506के तहत अंशू गुप्ता पुत्र क्रष्ण कुमार गुप्ता निवासी जसपुरा सहित अन्य के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया जबकि दिनांक 3/7/021के विरूद्ध डाक्टर संदीप पटेल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा के शिकायती पत्र पर धारा 186,384,385,427,506,509के तहत मुकदमा पंजीकृत जसपुरा थाना में दर्ज किया गया इसके बाद पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देश पर साइबर सेल बांदा की जांचोपरांत थाना चिल्ला में धारा 501आईपीसी व 67आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज इसी 21के सातवें महीने में कुछ पत्रकारो की ही शिकायती पत्र पर अंशू गुप्ता एवं उसके सहयोगी देवानंद सिंह के खिलाफ दर्ज हुआ है। अब बात करते हैं इन दोनों पत्रकारों की जो कहते हैं कि हम पत्रकार हैं आर एन आई यानी प्रिंट मीडिया के द्वारा जारी प्रेस कार्ड अथार्टी लेकर जिला सूचना अधिकारी के यहां जमा कर देते हैं यानी यह सब देने के बाद यह पत्रकार कहलाने के हकदार बन जाते हैं और अपनी वहीं मानसिकता लिए इस पबित्र मिशन में शामिल हो इसे कलंकित करने लगते हैं ।जिस तरह से आज राजनीति में अपराधियों का प्रबेस है जिस कारण राजनीति व राजनैतिक दल पार्टियां सत्ता की दौड़ में अंधी दौड़ लगाते हुए अपने अपने अपने दलों पार्टियों में प्रवेश कर रही है उसी तरह पत्रकारिता में अपराधियों का प्रवेश हो रहा है जो चिंता जनक है।आज उन्नाव प्रकरण में जिस तरह से प्रेस कौंसिल के सदस्य श्री विक्रांत ने अपने पीड़ित पत्रकार साथी की बात को लेकर जिस आत्म विश्वास के साथ जिला अधिकारी सहित पुलिस क्षेत्राधिकारी को लताड़ लगाई उनकी वार्ता सुनी मन गर्व से भर गया इसे कहते हैं पत्रकारिता जिसके एक एक शब्द में खनक थी एक विस्वास था द्रढता थी जिसमें सभी साथी में दिल्ली से की गई एक वार्ता मात्र से ज़हां पूरे जिला प्रशासन को हिला दिया वहीं आक्रोशित पत्रकार साथियों में एक नई ऊर्जा पैदा कर दी संघर्ष करने की शक्ति प्रदान कर दिया। जिस पर पूरी पत्रकार विरादरी गर्व कर रही है पर अंशू गुप्ता देवानंद सिंह जैसे लोगों के कारण शर्मशार भी समय समय पर हो रही है।

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