20 मिनट की जगह दो घंटे लगने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी अवरुद्ध नहीं होनी चाहिए सड़कें नोएडा से दिल्ली जाने में
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बार फिर कता कि सड़के अवरुद्ध नहीं होनी चाहिए। आवागमन में सड़को पर अबरोध नहीं जोना चाहिए। कोर्ट ने नोएडा निवासी महिला को नोएडा में दिल्ली जाने में 20 मिनट की जगह ले गंट लगने को शिकायत चाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह बात कही। इसके अलावा कोर्ट ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भी मामले में पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है। मामले में कोर्ट 12 अप्रैल को फिर सुनवाई करेगा।
नोएडा निवासी मोनिका अग्रवाल को याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, सहक अवरुज नहीं होनी चाहिए। यह चार कोर्ट पहले भी कई बार अपने आदेश में कर चुका है। पीठ ने कहा कि ये यहां व्यापक मुद्दे पर विचार नहीं कर रहे हैं। यह प्रशसनिक, राजनीतिक अथवा न्यायिक ढंग से तय होगा। यहां बे इस सीमित मुद्दे पर विचार कर रहे हैं कि सड़कें बंद नहीं होनी चाहिए। पीठ ने याचिकाकर्ता की परेशानियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह सिंगल मदर है और उन सड़कें बंद होने के कारण कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। तभी दिल्ली सरकार की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा को भी पक्षकार बनाया जाना चाहिए, उन्हें नोटिस स्वीकार करते हुए हरियाणा और उत्तर प्रदेश को भी पक्षकार बनाते हुए
उप का भी प्रकार हरियाणा और उस को बनाते हुए जारी किया नोटिस।
-नोएडा निवासी महिला शीर्ष अदालत में दाखिल की है याचिका
जारी किया जाए। कोर्ट ने अनुरोध याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली नजरिया दे चुका है।
को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि वे यह सुनिश्चित करे कि सड़कें साफ रहें ताकि एक जगह से दूसरी जगह जाने का मार्ग प्रभावित न हो। उस आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा था।
मोनिका अग्रवाल ने याचिका में कहा है, कोर्ट ने आदेश दिया था कि सड़कें बंद नहीं होनी चाहिए, लेकिन फिर भी सड़के अवरुदध है। गत रही है वैर है तो यह प्रशासनिक 26 मार्च को कोर्ट ने अग्रवाल की नाकामी है क्योंकि कोर्ट ने अपना
का एक कारण है इसीलिए एक अन्य नोएडा, गाजियाबाद और हरियाणा मामले में गाजियाबाद में कौशांबी की सुनवाई कर रहा है। उस मामले में कोर्ट ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के उच्च अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है और उस कमेटी से यातायात प्रबंधन योजना तैयार करके पमा करने को कहा गया है।
से लगने वाली दिल्ली की सीमाओं यातायात व्यवस्था पर भी सुप्रीम कोर्ट पर कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शनकारी बैठे हैं। रास्ते जाम होने और आने-जाने बालों को हो रही दिक्कत का एक बड़ा कारण यह भी है। इसके अलावा यातायात अज्यवस्था
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