कोरोना वायरस का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। यूनाइटेड किंगडम ने एक बार फिर से कहा है कि यदि दुनिया भर में कोविड-19 के मामले इसी तरह से बढ़ते रहे तो वह आगामी 17 मई के बाद भी ट्रेवल पर बैन (Ban on Travel) जारी रख सकता है। यही सब वजह रही कि कल कच्चे तेल के बाजार में कोहराम मच गया। कल दोपहर तक तो डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) 5.22 फीसदी जबकि बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 4.81 फीसदी नीचे ट्रेड हो रहा था। मई 2020 के बाद कल पहली बार ऐसा मौका आया, जबकि कीमतें इतनी तेजी से घटी हों। हालांकि, घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज लगातार सातवें दिन भी कोई तब्दीली नहीं हुई। मंगलवार को दिल्ली के बाजार में पेट्रोल प्रति लीटर 90.56 रुपये पर टिका रहा। डीजल भी 80.87 रुपये प्रति लीटर पर टिका रहा। इस समय लगभग हर शहर में दोनों ईधन के दाम ऑल टाइम हाई (All Time High) पर चल रहे हैं।
16 दिनों में ही 04.74 रुपये महंगा हुआ था पेट्रोल इस समय देश के कई राज्यों में विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं। इसलिए, पिछले महीने कच्चा तेल महंगा होने के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। हालांकि, पिछले दिनों कच्चा तेल सस्ता होने के बाद तीन किस्तों में पेट्रोल-डीजल के दाम घटे हैं। इससे पेट्रोल 61 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ है। हालांकि, बीते फरवरी महीने के दौरान पेट्रोल के दाम में 16 किस्तों में बढ़ोतरी हुई थी। उससे यह 04.74 रुपये महंगा हो गया था।
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