महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने दिया इस्तीफा

मुंबई की तर्ज़ में देश भर में पुलिस की वसूली की जांच होनी चाहिए

बांबे हाई कोर्ट ने 100 करोड़ के वसूली प्रकरण में सीबीआई जांच का आदेश दिया है, जिसके बाद महाराष्ट्र मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चीफ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एस कुलकर्णी की पीठ ने इस प्रकरण को असाधारण और अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि हम इतने गंभीर मामले में मौन नहीं रह सकते।

परमबीर सिंह ने लगाया आरोप . लोगों का भरोसा बहाल रखने के लिए इन आरोपों की जांच जरूरी कोर्ट ने कहा इस तरह के मामलों में हम मौन नहीं रह सकते

दिलीप वाल्से पाटिल बनाए गए अ्रम एवं आवारी मत्री दिलीप वाल्से टिल को सह मंडी का प्रभार सी दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार सीएम उद्धव ठाकरे ने देशमुख का हस्तीका राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी

चुकी है। इसलिए तुरंत आपराधिक मामला दर्ज करने की जरूरत नहीं है। यदि सीबीआइ को 15 दिन में प्रारंभिक जांच के दौरान कुछ तथ्य हासिल होते हैं, तो वह बाकायदा आपराधिक मामला दर्ज कर पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू करें।

विरु के इस्तीफे के बाद भाजपा और आक्रामक हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री रविशंकर की नैतिकता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए है। कार, फैसला आने के

दो सदस्यीय पीठ ने इस मामले में परमबीर सिंह और वकील जारी पाटिल संहिता कुछ और याचिकाओं पर दिए अपने 52 पेज के फैसले में कहा कि यह निश्चित रूप से राज्य सत्ता की विश्वसनीयता से जुड़ा मसला है। जब हुआ इतने उच्चपदस्थ लोगों के विरुद्ध आरोप लगते हैं तो अदालत मूक दर्शक बनकर बैठा नहीं रह क क कता। इन आरोपों जांच की होना जरूरी है। हाई कोर्ट का यह भी मानना है कि इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। ऐसे मामलों में जनता का भरोसा

बहाल करने और मूलभूत अधिकारों को बनाए रखने के लिए एक स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच कराए जाने की प्रसाद ने अब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जरूरत है। राज्य सरकार द्वारा गठित एक समिति पहले से जांच शुरू कर दी।

देशमुख ने इस्तीफे में लिखा है कि एडबोके जयश्री पाटिल की याचिका पर सुनाते हुए हाई कोर्ट ने सीबीभ प्राथमिक जांच कराने के आदेश हैं। इसलिए नैतिक दृष्टि से मेरा बने रहना उचित नहीं लगता। मैं पद से हटने का निर्णय के हूँ। मुझे गृहमंत्री पद से मुक्त जाए। बता दें कि मुंबई के पूर्व आयुक्त परमबीर ने मुख्यमंत्री ठाकरे को आठ पेज का पत्र लि आरोप लगाया था कि गृहम द पुलिस अधिकारियों के जरिये प्रा 100 करोड़ रुपयों की वसूली क चाहते है। इस प्रकरण की जा लिए परमबीर सहित कुछ और ने हाई कोर्ट में याचिकाएं थी। इन्हीं में से वकील जयत्री की याचिका पर फैसला देते हुए ने सीबीआ की इस माम प्राथमिक जांच के निर्देश दिए सीबीआइ को लगता है कि आगे करना जरूरी नहीं है तो उन्हें

बारे में जयत्री पाटिल को बा सूचित करना होगा। नई दिल खबर मिली कि देशमुख के आरोपों की प्रारंभिक जांच में

सीबीआ की एक टॉम मंगल दिल्ली से मुंबई च राही है।

महाराष्ट्र के नए गृहमंत्री को भेज दिया है। साथ ही उन्हें सूचित किया है কি अর से दिलीप दाल्सो प्राटिल गृह मंत्री का प्रभार संभालेंगे। वाल्ली से श्रम विभाग लेकर हसन मुशरिफ को सौपा गया है।

कुछ ही देर बाद गृह मंत्री अनिल देशमुख राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से मिलने गए। मुलाकात में देशमुख ने पवार से कहा कि सीबीआइ जांच जारी रहने तक उन्हें पद पर बने रहना उचित नहीं लगता। इसलिए अब वह मंत्री नहीं बने रहना. चाहते। पवार की सहमति मिलते ही देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा भेज दिया। मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा मंजूरो के लिए राज्यपाल को भेज दिया। देशमुख को जगह राकांपा के ही दिलीप वाल्में

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