समाज को यह है कि-(1)अन्धविश्वास घर-घर में पूजा-पाठ मनुष्य के डर या लालच या चमत्कार की आशा में फैला है।व्यक्ति लालच में अन्धा हो जाता है,डर की बजह से समझ काम नहीं करती है,इन दोनों ही स्थिति (डर या लालच)का लाभ उठाकर धार्मिक शैतान लोग अपना धन्धा शुरू कर देते हैं, चूंकि यह रास्ता आसान है इसलिए आसानी से हर व्यक्ति स्वीकार कर कर लेता है,इससे बचने के लिए हमें समाज को सही दिशा देने की आवश्यकता है, अतः हर घर में “कमेरा दर्शन”पुस्तक का पाठ कराना होगा, इससे दो लाभ होंगे(1)धार्मिक अन्धविश्वास खत्म होगा(2)प्रशिक्षित प्रचारक भी मिलेंगे।समाज में जागरुकता बढेगी।आजकी समाज को संगठित करने के लिए प्रचारकों की आवश्यकता है।भीड़ से कोई परिवर्तन नहीं होगा।समाज में संतुलन कायम करने के लिए चौधरी साहब के समय में”धन और धरती के बंटबारे की मांग उठी थी उस समय जमींदारी उन्मूलन हुआ कुछ जमीनों को सीलिंग लगाकर गरीबों भूमिहीनों में बांटा भी गया,लेकिन धन का बंटबारा नहीं हुआ और समाज में असन्तुलन बढता गया जो आज नये रूप में हमारे सामने है।किसानों की समस्याओं का हल एक दिन जरुर होगा लेकिन इसके लिए उन्हें धन के बंटबारे की मांग करनी पडेगी।यह पूंजी के लुटेरों को झुकाने की सबसे सटीक रास्ता है और यही हल भी है।धन्यवाद।
Categorized in : All News