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सर्विस मैटर के एक और मुकदमे में भी बड़ी जीत….

आदेश के बाद ही पीड़ित महिला के घर अधिकारी पहुंचाए

हमीरपुर में कार्यरत कृषि विभाग में याची हरवी देवी के पति होरी लाल के दिनांक 31-03-2017 को कृषि विभाग के ग्रूप सी से रिटायर्ड के बाद मृत्यु दिनांक 8-5-2019 को होने पर पेंशन ,ग्रेटचयुटी आदि न मिलने पर हाइकोर्ट ने उप कृषि निदेशक हमीरपुर से जवाब मांगा है।और यदि जवाब नही आता तो उपनिदेशक हमीरपुर 22 मार्च 2021 को सारे रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत न्यायालय मे हाजिर हो।

याची हरवी देवी की ओर से अधिवक्ता सुनील चौधरी ने न्यायमूर्ति अजय भनोत के समक्ष बहस कर न्यायालय को बताया कि याची के पति व एक अन्य पर सर्विस के दौरान एक एफ. आई. आर. दर्ज हुई थी ,जिसमे ट्रायल में निचली अदालत ने बरी कर दिया था ।राज्य सरकार की ओर से पुनः अपील दाखिल होने पर 2 साल सजा व 2000 rs जुर्माना हुआ और उनको जेल जाना पड़ा।जिसमे याची के पति होरीलाल व एक अन्य ने हाइकोर्ट में तत्काल आपराधिक पुनर्विचार याचिका दाखिल करने पर हाइकोर्ट से जमानत मिल गई थी ,अपील अभी भी विचाराधीन है।याची के पति के रिटायरमेन्ट के बाद पेंशन न दिये जाने पर पूर्व मे भी हाइकोर्ट ने याची के पति को पेंशन दिये जाने का आदेश ब्याज के साथ देने को दिया था ।और कहा कि राज्यसरकार चाहे तो दोषी अधिकारी की सैलरी से ब्याज की रकम ले सकती है।अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बताया कि पति को अंनतरिम पेंशन मिल रही थी ।लेकिन पति की मृतयु उपरांत पत्नी हरवी देवी को पेंशन,ग्रैचुटी, राशिकरन कि रकम व्याज के साथ दी जाए।याची एक विधवा महिला है और अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिया जिस पर अधिकारियों ने लिखा पढ़ी कर सिर्फ पत्राचार कर याची को परेशान किया जा रहा ।न्यायालय ने अगली सुनवाई 22 मार्च नियत की है।

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