,बाँदा। बाँदा की दुरेड़ी मौरम खदान में रामबली का अवैध सेतु। केन नदी की जलधारा बांधकर बनाया परिवहन निकासी को पुल, सब्जियों की खेती करने वाले किसानों की फसलें जलमग्न। बाँदा में दुरेड़ी मौरम खदान संचालक रामबली सिंह ने केन नदी में बालू निकासी हेतु पुल का निर्माण कर डाला इसके पहले भी इन बालू मोरम खनन माफियाओं द्वारा बाँदा में कुछ ऐसे ही अवैध पुलो का निर्माण किया जा चुका है जिसमें बदौसा के बरकतपुर-महूटा एवं नसेनी में भी बनाए ज चुके हैं जो खबरों के बाद डीएम की कार्यवाही में तोड़ दिये गये थे। कुछ इसी तर्ज पर खपटिहाकला के 100/1 में अवैध पुल केन नदी में निर्माणाधीन है लेकिन खनिज अधिकारी व क्षेत्रीय एसडीएम, तहसीलदार की महती कृपा से ठेकेदार को डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। इधर दुरेड़ी में इस अवैध पुल की किसानों द्वारा वीडियोग्राफी करने के बाद आनन फानन में पट्टेधारक रामबली सिंह ने पल का कुछ हिस्सा खोल दिया है लेकिन खदान संचालक का साहस देखिए और एडमिनिस्ट्रेशन की अनदेखी की खनिज एक्ट के अंतर्गत मिली एनओसी 40 ग व नियम 41 ज की बखिया तबीयत से उधेड़ी जा रही है। केन नदी में आरपार महज दो ह्यूम पाइप डालकर पूरी तरह मिट्टी से यह अवैध पुल निर्माण किया गया है। राजघाट में मुक्तिधाम के पास लोकनिर्माण विभाग का जो नवनिर्माण सरकारी पुल बन रहा है उसके नीचे ही यह खदान संचालक का पुल निर्मित है। गौरतलब है तत्कालीन डीएम अमित सिंह बंसल ने कभी सोना खदान में ऐसा ही अवैध पुल एक कार्यवाही में ध्वस्त कराया था। देखना यह होगा मौजूदा डीएम ऐसे बनते पुल और नदी की जलधारा रोककर पावर के दम से बलखाते मौरम कारोबार कार्यवाही कब करते है ।

![]आत्मा राम त्रिपाठी रिपोर्टर

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