आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट बांदा जनपद के नरैनी सर्किल में तैनात पुलिस क्षेत्राधिकारी अपने कार्य शैली से सबके चहेते बन गए हैं । पुलिस से दूरी बना कर चल रही जनता उनके पास जाने में हिचक महसूस नहीं करती।तो चले हम आपको बताते हैं बरिष्ठ पुलिस उपाधीक्षक सियाराम नरैनी के बारे में सियाराम जनपद लखीमपुर खीरी के चंदन चौकी में कोतवाल रहे ज़हां पर इन्होंने अपने कार्य शैली से आमजनमानस का बिस्वास जीता वही अपराध एवं अपराधियों पर लगाम लगाने में भी कामयाब रहे तो अपने अधिकारियों के चहेते बन गए थे। अपने इसी कार्यकाल के दौरान बिहार के इनामी नक्सली कमलेश चौधरी को एक मुठभेड़ में मार गिराया था जबकी इसके पहले 2009मे सोनभद्र जिले में सोनभद्र में थानाध्यक्ष के पद में रहते हुए कांबिंग ऑपरेशन दौरान मुठभेड़ मे आपको कयी गोली लगी और आप गंभीर रूप से घायल हो गए थे लेकिन जनता की दुआओं से आप बचे और सियाराम को अप्रैल 2010मे आऊट आफ टर्न प्रमोशन मिला जिसमें उन्हें कोतवाल से डीएसपी पद पर पदोन्नति मिली उनका अपराधियों के बिरूध्द कार्यवाही करने का क्रम जारी रहा और चंदन चौकी में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय नकली नोट छापने वाले गिरोह को पकड़ा व उन्हें जेल भिजवाया था। एक लंबा सफर तय करने के बाद बांदा जनपद में आए और अपने उसी कार्यशैली को बरकरार रखते हुए अपने कप्तान शिधार्थ शंकर मीना की मंशा अनुरूप अपराध अपराधियों पर अंकुश लगाने के प्रति शतत प्रयत्नशील बने रहते हैं फिर चाहे जंगलों में कांबिंग हो कस्बे में पैदल मार्च पुलिस बल को लेकर दिन हो चाहे रात्रि निकल पड़ते हैं और बिना किसी के प्रभाव में आए अवैध कार्यों को अंजाम‌ देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में नहीं हिचकते।उसी का नतीजा रहा कि आज रात अपने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान अवैध बालू का ओवरलोडिंग परिवहन कर रहे आधा दर्जन से ज्यादा ट्रकों को पकड़ उन पर कार्रवाई की।

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