आरएसएस के लोग लम्बे समय से तिरंगा झंडे का विरोध करते थे। आम लोग शार्ट टर्म मेमोरी लॉस के शिकार होते हैं।उनको याद दिलाना पड़ता है बार बार।

आरएसएस तिरंगे का विरोध करता है, इसके विरोध में कुछ लोगों ने आरएसएस के नागपुर कार्यालय पर जबरदस्ती झंडा फहरा दिया था। यह बवाल कोर्ट और पुलिस तक गया। बहुत बवाल मचा। उसके बाद आरएसएस ने भी तिरंगे को राष्ट्रध्वज मानना शुरू किया।

आरएसएस स्वतंत्रता के समय से ही तिरंगे का विरोध करता था। कोई भी संघी आज के 20 साल पहले आपको कहता मिल जाता कि गन्धिया ने मुस्लिमों को खुश करने के लिए इसमें हरा रंग डाला था।

और यह दुर्भाग्य है कि आज तिरंगे के सम्मान के नाम पर किसानों को अपमानित किया जा रहा है, उसी आरएसएस-भाजपा और उसके भक्तों द्वारा।

लाल किले में केवल एक खाली फ्लैग होस्ट वाला पोल था न तिरंगा उतारा गया न उसकी तौहीन या अपमान । राष्ट्रीय धरोहर पर राजनीति करना ठीक नही।

प्रधानमंत्री जी, झंडी झंडा से देश का अपमान सम्मान नहीं होता। अगर जनता चाहे तो तिरंगे की जगह कोई सतरंगे को राष्ट्रध्वज बनाया जा सकता है।

देश का अपमान इससे हो रहा है कि 70 साल के बुजुर्ग से 4 साल के बच्चे महिलाएं बच्चियां पिछले 4 महीने से सड़क पर बैठे हैं और आप समाधान नहीं निकाल पा रहे हैं।

देश का अपमान 26 जनवरी के उन तमाम वीडियो से हो रहा है जिसमें रोते बिलखते लाखों किसान महिलाएं, बच्चे लाखों की संख्या में हाथों में तिरंगा झंडा थामे सड़क पर आगे बढ़ रहे हैं और पुलिस दनादन आंसू गैस के गोले दाग रही है।

देश का अपमान उन वीडियोज, फोटो और खबरों से हो रहा है जिसमें 80 साल के बुजुर्ग किसान को पुलिस पीट रही है और वह पीठ सहलाते बिलखते हुए कह रहा है कि मुझे गोली मार दो, बहुत हुआ। मुझे नहीं लग रहा है कि यही दिन देखने के लिए हमने स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी।

देश का अपमान उस वीडियो से हो रहा है जिसमें एक किसान नेता बिलखते हुए कह रहा है कि मैं मर जाऊंगा लेकिन जगह नहीं छोडूंगा। भाजपा अपने विधायकों और गुंडों को भेजकर हमारे ऊपर हमले करा रही है।

आप अंतराष्ट्रीय मीडिया की खबरें पढ़ और देख रहे हैं। समझ भी रहे हैं कि दुनिया किस वजह से आप पर थूक रही है। आप जो कर रहे हैं, उस पर लानत भेज रही है। पूरी दुनिया को समझ में नहीं आ रहा है कि आप कौन सा कृषि कानून लेकर आए है जो किसानों का हित करने जा रहा है और जो राज्य वास्तव में अन्न उगाने में नम्बर वन हैं, वहीं के किसान इसका विरोध कर रहे हैं। पूरी दुनिया को समझ में नहीं आ रहा है कि आप कौन सा हित कर रहे हैं कि हितधारक ही आपके खिलाफ है और कह रहा है कि प्लीज मेरा हित न करें।

जनता को बेवकूफ बनाना बंद करिए। देश का बेड़ा गर्क कर रखा है आपने। आपसे नहीं सम्भल रहा, आप आत्महत्या क्यों नहीं कर लेते। कब तक देश को बर्बाद करेंगे? कब तक देश को अपमानित करेंगे? और कितना लूटेंगे? और कितने आलीशान भाजपा कार्यालय बनवाने हैं आपको देश भर में? बस एक तिरंगे का मान रख लीजिए ।

Categorized in : All News