आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट

लखनऊ उर्दू केवल एक भाषा नहीं है, यह सभ्यता का नाम है। उर्दू के माध्यम से, मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग इस्लाम को समझता और जानता है उर्दू नहीं तो हम नहीं, । अपने बच्चों को उर्दू पढ़ाएं इस्लामी पहचान के साथ जियें । यानी पहले मुस्लिम, फिर कुछ और, ये विचार पीस एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष मुर्तजा अली ने व्यक्त किए। कार्यक्रम के संयोजक और एसोसिएशन के सचिव वामिक खान ने कहा कि हमारी पहचान उर्दू से है। हम दुनिया में जहां भी जाते हैं, लोग पहचान जाते हैं कि आप लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं । उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन द्वारा उर्दू 2020 का उत्सव आयोजित किया गया था। जिसमें पीस एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष मुर्तजा अली को उर्दू र पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। एसोसिएशन के सचिव वामिक खान और सामाजिक कार्यकर्ता निगहत खान ने मुर्तजा अली को एवार्ड से नवाज़ा ।

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