आत्माराम त्रिपाठी की रिपोर्ट बाँदा (बबेरू):- जिले की गोशालाएं बदहाल हैं। गाँवो में बनी गोशालाओ में भूख से अन्ना मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी हो गया है। कई अन्य मवेशियों की हालत खराब होती नजर आ रही है। ग्रामीणों की माने तो यहां मवेशियों की मौत हो रही है। यही हाल जिले की अन्य गोशालाओं का है। जहां न तो खाने के लिए चारा और न ही पीने के लिए पानी है। समय से साफ सफाई न होने से गोशालाओं की स्थिति और भी खराब हो जाती है। आपको बता दें कि बबेरू और बिसंडा ब्लॉक अंतर्गत दर्जनों गांवों की गोशालाओं की स्थिति ठीक नहीं है। इनमें मवेशियों के लिए चारे और पानी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। वही बिसंडा ब्लॉक अंर्तगत साथी और भदेहदु सहित अन्य गांवो में बनी गोशाला में अन्ना जानवरों को खुले आसमान के नीचे व खाने पीने की कोई व्यवस्था न होने के कारण गायों को मरने के लिए मजबूर किया जा रहा , वही क्षेत्रीय समाजसेवी पी सी पटेल जनसेवक (भदेहदु ) ने बताया कि पिछले 6 अक्टूबर में साथी गांव के पास मेन रोड को जाम कर जनांदोलन किया था जहां पर मौके पर पहुँचे उपजिलाधिकारी बबेरू ने आश्वासन दिया था कि बहुत अन्ना जानवरों की समस्या से निजात दिलाई जाएगी,लेकिन समयानुसार अस्थायी गौशालाओ का निर्माण तो लगभग हर गावो में हो चुका है लेकिन अभी तक गौशालाओं में बंद जानवरों के खाने पीने की कोई व्यवस्था नही कराई गई है, वही गोशाला में समय से साफ सफाई न होने कीचड़ जमा होने से गंदगी का अंबार लग जाता है जिससे आसपास में रहने वाले लोगो तक दुर्गंध पहुँचती है जिससे अनेकों प्रकार की बीमारिया उत्पन्न हो जाती है। वहीं खुले आसमान के नीचे रहने के लिए गायो को मरने के लिए मजबूर किया जा रहा है, गोशाला के संचालन की जिम्मेदारी लेने वाले प्रधान ,सचिव व अन्य जनप्रतिनिधि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई प्रयास नही कर रहे हैं वही समाजसेवी ने मांग की है कि तत्काल गोशालाओं में चिकित्सक व अन्य कर्मियों को भेजकर स्थिति का जायजा लिया जाय तथा जानवरो के खाने पीने की उचित व्यवस्था की जाय अन्यथा स्थिति में हम पुनः सभी क्षेत्रवासी जनांदोलन के लिए बाध्य होंगे ।

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