हरियाणा के फरीदाबाद में अनीता (बदला हुआ नाम) मर्डर केस में हंगामा बढ़ता जा रहा है। पीड़िता का परिवार प्रदर्शन कर रहा है और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहा है। परिवार का आरोप है कि दो वर्ष पूर्व हत्यारा तौसीफ के खिलाफ मामला दर्ज कराया था, तब पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई। इस बीच हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का बेतुका बयान सामने आया है। अनिल विज ने कहा कि “पुलिस हर किसी को निजी सुरक्षा नहीं दे सकती है। गश्त करती है। हमने घटना पर संज्ञान लेते हुए एक आरोपी को दिन निकलने से पहले ही अरेस्ट कर लिया था। दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है. मामले की तफ्तीश चल रही है।” का हो मंत्री जी, सुरक्षा देना तो बाद की बात है, पहले पहल तो छेड़खानी के दर्ज मामले में अगर आरोपी की थाने में जीभर के धुनाई भी ना करवा सको, तो राजनीति छोड़ दो और चूड़ियां पहनकर घर बैठो। तुम्हारे बस का नही है। कानून तो बहुत कुछ कहता है लेकिन इन मामलों में तहरीर के बाद गैर-तरीके से आरोपी की मजनू गिरी उतार दी जाती है। दिनदहाड़े दो लड़के बिटिया को गोली मार के चले गए और यह कहने में कोई शर्म नही आई कि “हम निजी सुरक्षा नही दे सकते” उसने मामला दर्ज कर के आपसे निजी बीडीगॉर्ड मांगे थे क्या? याफिर केवल आवश्यक कार्यवाही की अपेक्षा की थी?…फिर ऐसे बेतुके बयान का क्या मतलब है? सरकार से अपेक्षा है कि ये दोनों आरोपी बचने नही चाहिए। -निखिलेश मिश्रा
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