एमपीसी की बैठक में RBI गवर्नर ने जताई परेशानी अगर कोरोना ने दोबारा कहर ढाया तो अर्थव्यवस्था को पटरी में लाना बहुत मुश्किल होगा ।वहीं डिप्टी गवर्नर माइकल देबप्राता पात्रा ने कहा कि अर्थव्यवस्था को हुए नुकसान की भरपाई में काफी वक्त लग सकता है।

एमपीसी की बैठक में शामिल सदस्यों ने भी चिंता जताते हुए कहा कि कोरोना महामारी ने जिस तरह से अर्थव्यवस्था को तहस-नहस किया है उसके सामान्य होने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन covid-19 से पहले वाली स्थिति में पहुंचने में अभी भी तीन से चार तिमाहियों का वक्त लगेगा।

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि रेपो रेट में कटौती आगे की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा कि अगर महंगाई अगर काबू में रहती है तो ब्याज दरों में और कटौती का रास्ता निकल सकता है।

बैठक में सभी सदस्य ने कहा कि हमारी कोशिश बाजार में ज्यादा से ज्यादा तरलता प्रवाह बढ़ाने की होनी चाहिए। तरलता प्रवाह बढ़ाने के लिए सिर्फ रेपो रेट में कटौती ही एक रास्ता नहीं है बल्कि दूसरे उपाय भी किये जा रहे हैं।

बता दें कि एमपीसी की बैठक में आरबीआई गवर्नर के अलावा  डॉ. शशांक भिडे, डॉ. अमीशा गोयल, प्रो जयंत वर्मा, डॉ. एम के सागर और डॉ. माइकल देबब्रता पात्रा शामिल हैं।

आरबीआई के एमपीसी की बैठक में गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौजूदा अर्थव्यवस्था और कोरोना महामारी को लेकर चिंता जताई है।

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