![]लेखिका हर्ष प्रभा

जी हां नीम के पेड़ में गणेश जी का वास है और मां दुर्गा का भी इसलिए नीम के पेड़ को काफी जगह नीमारी देवी भी कहते हैं।

नीम एक चमत्कारी वृक्ष माना जाता है। नीम जो प्रायः सर्व सुलभ वृक्ष आसानी से मिल जाता है। नीम को संस्कृत में निम्ब कहा जाता है। यह वृक्ष अपने औषधीय गुणों के कारण पारंपरिक इलाज में बहुपयोगी सिद्ध होता आ रहा है। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों में इसका उल्लेख मिलता है।

निम्ब शीतों लघुग्राही कतुर कोअग्नी वातनुत। अध्यः श्रमतुटकास ज्वरारुचिक्रिमी प्रणतु ॥

अर्थात नीम शीतल, हल्का, ग्राही पाक में चरपरा, हृदय को प्रिय, अग्नि, वाट, परिश्रम, तृषा, अरुचि, क्रीमी, व्रण, कफ, वामन, कोढ़ और विभिन्न प्रमेह को नष्ट करता है।

नीम के पेड़ का औषधीय के साथ-साथ धार्मिक महत्त्व भी है। कहते हैं कि नीम की पत्तियों के धुएं से बुरी और प्रेत आत्माओं से रक्षा होती है।आजकल तो मच्छर भी बहुत ज्यादा होने लगे हैं सभी जगह ,इसलिए काफी जगह नीम की पत्तियों को जलाकर इसके धुएं से मच्छरों को भगाया जाता है।

आयुर्वेद की दुनिया में नीम एक बेहद लोकप्रिय व महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी−बूटी है, जिसे लगभग पिछले 5000 सालों से उपचार के दौरान इस्तेमाल किया जाता रहा है। नीम इतना ही गुणकारी है कि न केवल इसकी पत्तियां, बल्कि पेड़ के बीज, जड़ों और छाल में भी औषधीय गुण पाए जाते हैं। नीम सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए ही गुणकारी है। नीम के पत्तों में एंटी−बैक्टीरियल गुण होते हैं यही वजह है कि यह संक्रमण, जलन और त्वचा की किसी भी तरह की समस्याओं पर यह जादू की तरह काम करता है। यह बैक्टीरिया को नष्ट करता है, प्रतिरक्षा प्रणाली को उत्तेजित करता है और तेजी से चिकित्सा को प्रोत्साहित करता है। इसके अलावा इसमें एंटी−एजिंग गुण भी पाए जाते हैं। इतना ही नहीं, नीम में विटामिन और फैटी एसिड त्वचा की लोच में सुधार करते हैं और झुर्रियों और महीन रेखाओं को कम करते हैं।

ठीक करें घाव

नीम के पत्ते घाव को बेहद जल्द ठीक करते हैं। बस आप इसकी पत्तियों का पेस्ट बनाएं और घाव या कीड़े के काटने पर प्रभावित स्थान पर लगाएं।

रूसी को कहें बाय−बाय

अगर आपको रूसी की समस्या है तो आप नीम की कुछ पत्तियां लेकर उसे पानी में उबालें। अब इस पानी को ठंडा होने दें। अपने बालों को शैम्पू से धोने के बाद इस पानी से साफ़ करें।

आंखों में जलन

अगर आपको आंखों में जलन हो रही है तो नीम की कुछ पत्तियों को उबालें, पानी को पूरी तरह से ठंडा होने दें और फिर अपनी आंखों को धोने के लिए इसका इस्तेमाल करें। यह आंखों में किसी भी तरह की जलन, थकान या लालिमा में मदद करेगा।

त्वचा विकार

नीम के पत्ते त्वचा के लिए बेहद चमत्कारी माने जाते हैं। इसके लिए नीम के पत्तों के पेस्ट के साथ हल्दी मिलाएं। इसका उपयोग खुजली, एक्जिमा, रिंग कीड़े और कुछ हल्के त्वचा रोगों के लिए भी किया जा सकता है।

बूस्ट करें इम्यूनिटी

कुछ नीम के पत्तों को क्रश करें और अपनी इम्युनिटी बढ़ाने के लिए उन्हें एक गिलास पानी के साथ लें।

पर्यावरणविद डॉ हर्ष प्रभा पीपल नीम तुलसी अभियान सदस्य👍 ग्रीन इंडिया परिवार रिसर्च फाउंडेशन उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हर्ष प्रभा👍 टी बी सी क्वीन (श्रीलंका) मातृ मंडल सेवा भारती हरनंदी महानगर अध्यक्ष

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