गौरतलब है कि Covid19 कोरोना महामारी के बाद भारत मे पत्रकारों पर भारतीय सरकारी संस्थाओं ने उत्पीड़न और फ़र्ज़ी मुकदमों की भरमार हुई है।

विश्व की 2 अंतरराष्ट्रीय प्रेस संस्थाओं, द इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट और इंटरनेशनल फ़ेडरेशन ऑफ़ जर्नलिस्ट्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक साझा पत्र लिखकर, उनसे यह आग्रह किया है कि ‘वे पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने के लिए तत्काल ज़रूरी क़दम उठायें”।

दोनों संस्थाएं संपादकों, पत्रकारों और मीडिया में काम करने वालों की अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं हैं। जिन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि ‘पीएम मोदी राज्य सरकारों को पत्रकारों के ख़िलाफ़ सभी मामले वापस लेने का निर्देश दें”।

इस पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ महीनों में पत्रकारों पर अपना काम करने के बदले आईपीसी के सेक्शन-124ए के तहत राजद्रोह के मुक़दमें भी लगाये गये हैं जिन्हें वापस लिया जाना चाहिए।

इस पत्र में केरल के पत्रकार सिद्दक़ी कप्पन की गिरफ़्तारी पर विशेष रूप से चिंता ज़ाहिर की गई है जो हाथरस केस की रिपोर्टिंग कर रहे थे।

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