लेख- डॉ हर्ष प्रभा

1950 में भारत सरकार द्वारा इसकी उपयोगिता, विशालता और वैज्ञानिक महत्व के साथ-साथ पौराणिक महत्व को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने बरगद को राष्ट्रीय वृक्ष घोषित किया था!🌳 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 बरगद के पेड़ को बट वृक्ष या बड़ का पेड़ भी कहा जाता है। आपने अपने घरों के आसपास या मंदिरों में बरगद का पेड़ देखा होगा। महिलएं बट साबित्री की पूजा के दौरान बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। बरगद का पेड़ बहुत विशाल और बड़े-बड़े पत्तों वाला होता है।🌳 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 बरगद का वृक्ष एक दीर्घजीवी विशाल वृक्ष है क्या आप जानते हैं बरगद के वृक्ष की आयु कितनी हो सकती है? बरगद के वृक्ष की आयु 400 से 1500 साल तक हो सकती है! हिन्दू परंपरा में इसे पूज्य माना जाता है!यह वृक्ष त्रिमूर्ति का प्रतीक है ! इसकी छाल में विष्णु ,जड़ में ब्रह्मा और शाखाओं में शिव का वास माना जाता है!जिस प्रकार पीपल को विष्णु जी का प्रतीक माना जाता है , उसी प्रकार बरगद को शिव जी माना जाता है!🌳 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 बरगद के पेड़ का विशाल स्वरूप और लोगों को छाया प्रदान करने के कारण मानवीय प्रतिष्ठान का केंद्र बिन्दु माना जाता है। यह वृक्ष अक्सर कल्पित ‘कल्पवृक्ष’ कहलाता है, क्योंकि यह दीर्घायु से संबंधित मनोकामनायें पूरी करने का एक प्रतीक भी है और इसमें महत्वपूर्ण औषधीय गुण भी पाये जाते हैं!🌳 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 क्या आप जानते हैं कि रोगों के इलाज में भी बरगद के पेड़ के फायदे मिलते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, बरगद का पेड़ (Banyan tree) एक उत्तम औषधि भी है और आप बरगद के पेड़ से कई बीमारियों का इलाज कर सकते हैं।🌳 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 बरगद के पौधे की एक खास बात और है, आपको यह हाईवे और दीवारों पर उगते हुए दिख जाएंगे !कहीं छत पर भी दिख जाएगा !आप उसको वहां से निकाल कर सुरक्षित किसी पार्क या सड़क के किनारे या किसी मंदिर में लगा सकते हैं! यह आसानी से बड़े हो जाते हैं और उग जाते हैं !🌳 🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳 मैं तो अपनी बहनों से यही कहूंगी कि जब वट सावित्री व्रत आए तो आप अपने पति के लिए अपना एक बरगद का पौधा अलग ही लगाएं! पति की लंबी आयु भी होगी और पुण्य का काम भी हो जाएगा! और पक्षियों के लिए छाया और आने जाने वाले लोगों के लिए ऑक्सीजन ।

पर्यवरण संरक्षण पीपल नीम तुलसी (डॉ हर्ष प्रभा) ग्रीन इंडिया परिवार रिसर्च फाउंडेशन उत्तर प्रदेश अध्यक्ष हर्ष प्रभा

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