![]लेखिका हर्ष प्रभा
दरिपल्ली रमैया तेलंगना एक ऐसे बुजुर्ग शख्स है
जिनको एक करोड़ से अधिक पेड़ लगाने का जुनून है।उनको पौधारोपण के लिए पदम श्री अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चु गएका है।लोग उन्हें ट्री मैन के नाम से भी जानते हैं।उन्होंने अपना पूरा जीवन वृक्षों के लिए समर्पित कर दिया है ।एक करोड़ से अधिक पौधे लगाकर वह अपनी इस वृक्ष साधना के लिए केंद्र सरकार से पदम श्री का सम्मान पा चुके हैं ।लोग उन्हें पागल सनकी कहते थे।आज उनके सामने उन्हीं लोगो के श्रद्धा से सर झुक जाते हैं ।दरिपल्ली रमैया पौधारोपण के लिए मां से संस्कारित हुए ।दरिपल्ली रमैया जब वक्त के साथ बड़े हुए स्कूल जाने लगे पौधों के बीज जुटाने में मां का साथ उनसे छुटने लगा था। अब वह अपने शिक्षकों से पौधों की उपयोगिता के किस्से सुनने लगे थे। तभी उन्होंने ठान लिया था कि वह किसी भी कीमत पर पौधों की रक्षा करेंगे।सबसे पहले उन्होंने अपने गांव रेड्डीपल्ली के पूर्व और पश्चिम में वृक्षारोपण किया।जिसमें उन्होंने पीपल नीम तुलसी बरगद बेल और भी अलग-अलग तरह के तीन हजार पौधे लगाए ।वहां पौधे लगाकर उस जगह को वहां उन्होंने हरा भरा कर दिया!ऐसा ही नहीं कि वह पौधे लगाकर भूल गए हो उन्होंने बड़े होने तक उनकी देखभाल की और जो पौधा सूख गया था उसकी जगह उन्होंने नया पौधा लगाया! उनका यह अभियान फिर कभी नहीं रुका ।साइकिल पर पौधे और बीज लेकर वह पौधारोपण की यात्रा के लिए निकल पड़े! जहां भी उनको खाली जगह दिखती वहां वह पौधा रोपण करते और देखते ही देखते हैं उन्होंने करोड़ों पौधे लगा डालें। आज उनके पास 700 /800 बीजों का अनूठा संग्रह भी है और उनको बहुत सारे पौधों की बारीकी से जानकारी है।अब तो उनको “एकेडमी आफ यूनिवर्सल ग्लोबल पीस से डॉक्टर की उपाधि भी मिल चुकी है। लेकिन अभी उनके पौधरोपण की यात्रा रुकी नहीं है उन्होंने अपना पूरा जीवन पर्यावरण को समर्पित कर दिया है। दरिपल्ली रमैया हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत हैं कि हमें अपने पर्यावरण को कैसे सुरक्षित करना है।
लेखक डॉ हर्ष प्रभा