लेखिका- तनुज वर्मा

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

चलो बातें बनाते हैं आज एक बेटी की अस्मिता छीन ली गयी है उसकी निर्मम हत्या हो गई है , जानवरों से बदतर उसके साथ व्यवहार हुआ है, पर हमें क्या ? हमें तो बस एक मुद्दा मिला है, इस रेप कांड को ऊंँची नीची जाति में दर्शाते हैं चलो, बातें बनाते हैं! समाज में लड़की का जीना कोई मुश्किल काम थोड़ी ना है बस उसे अपनी मनमानी नहीं करनी चाहिये बड़े सपने नहीं देखना चाहिये अपनी इस छोटी सोच को छोड़ उसके स्कर्ट उसकी लिपस्टिक को दोषी ठहराते हैं चलो बाते बनाते है। लड़के तो राजकुमार होते हैं, जो चाहे कर सकते हैं एक काम करते हैं लड़कियों को दहलीज़ में रहना सिखाते हैं चलो बातें बनाते हैं। देश की वीर बेटियों तुम्हें गोल रोटी बनानी आये या ना आये पर ऐसे दरिंदों का मुंँह तोड़ना जरूर आना चाहिये ऐसी अंगार बनो कि तुम्हें आंख उठाकर देखने वालों की आँखे ही जल जाये। तुम ही दुर्गा , तुम ही काली हो तुम्हीं इन पापियों का अंत करने वाली हो। तुममें इतनी शक्ति है कि तुम खुद को इंसाफ दिला सकती हो बेटियांँ ऊपर उठ चुकी है लड़कों के बराबर काम कर रही है पर इन पुरुषों की गिरी हुई सोच को कैसे उठायें इन्हें भी थोड़ी नैतिक शिक्षा दें इन्हें भी थोड़ा पाठ पढ़ायें और यूंँ ही बैठे बैठे बस बातें ना बनायें।

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