अरविंद तिवारी की रिपोर्ट

गौ-माता के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य में संचालित की जा रही गोधन न्याय योजना अपने आप में अनूठी है। इस योजना को देश-दुनिया में लोगों ने सराहा है। इसके जरिए गौ-पालकों एवं ग्रामीणों को गौठानों में गोबर विक्रय के एवज में अब तक 21 करोड रूपए की राशि का भुगतान किया गया है।

सुराजी गांव योजना के तहत राज्य के 50 फीसद से अधिक ग्राम पंचायतों में गौठानों का निर्माण हो चुका है। गौठानों को हम स्वरोजगार एवं आजीविका के केन्द्र के रूप विकसित कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ सरकार कोरोना संकट के समय में गरीबों, किसानों, आदिवासियों, मजदूरों के साथ मजबूती से खड़ी है। संकट के समय में देश-दुनिया में लोगों को आर्थिक कठिनाईयों का सामना करना पड़ा, लेकिन छत्तीसगढ़ इससे अछूता रहा है।

राज्य में किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने तथा फसल उत्पादकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना की तीसरी किश्त की राशि किसान भाईयों को राज्य स्थापना दिवस एक नवम्बर को दी जाएगी।

संपादकीय डेस्क

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