अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जगन्नाथपुरी — ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्धनमठ पुरी में अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वती जी के पावन सानिध्य में चार दिवसीय हिन्दू राष्ट्रसंघ अधिवेशन कल से आरंभ हो रहा है जो 27 सितम्बर तक चलेगा। प्रत्येक दिवस सायं 05:00 बजे से रात्रि 08:30 बजे तक आधुनिक यान्त्रिक विधा के द्वारा सङ्गोष्ठी के रूप में आयोजित होकर उसका सीधा प्रसारण फेसबुक व यूट्यूब पर सुलभ होगा। जिसमें देश एवं विदेश के लगभग 50 विशेषज्ञ सम्मिलित हो रहे हैं। गौरतलब है कि श्रीगोवर्धनमठ में चातुर्मास्य में विज्ञान संगोष्ठी में देश के वैज्ञानिकों ने विज्ञान के विभिन्न विषयों पर अपना पक्ष रखा वहीं पुरी शंकराचार्य से वेदों में निहित ज्ञान विज्ञान के वर्तमान में भी प्रासंगिक सिद्धांत को आत्मसात किया। ठीक इसी तरह अर्थ संगोष्ठी में अर्थशास्त्रियों ने सनातन धर्म के अनुसार अर्थ को परिभाषित करना सीखा , जिनके पालन से आर्थिक स्वावलंबन सहज हो सकता है।राजधर्म आदि विषयों पर विशेषज्ञों की सहभागिता के साथ वैदिक शास्त्रसम्मत सिद्धांतों की वर्तमान काल में भी प्रासंगिकता को पुरी शंकराचार्य जी के द्वारा प्रतिपादित किया गया है। रामराज्य स्थापना के लिये शासकों में आवश्यक योग्यता की अनिवार्यता को रेखांकित किया गया। आज से आयोजित होने वाली चार दिवसीय संगोष्ठी में वैदिक वाड्मय में हिन्दू ( हिन्दू) शब्द , हिन्दुधर्म की सीमा में विविध पंथ तथा उनमें सामञ्जस्य का स्वस्थ प्रकल्प , अन्यों के हित का ध्यान रखते हुये हिन्दुओं के अस्तित्व और आदर्श की रक्षा के विविध उपाय ,एशिया- महाद्वीप के अन्तर्गत प्रथम चरण में भारत, नेपाल और भूटान को हिन्दूराष्ट्र के रूप में ख्यापित करने की परियोजना , गौवंश, विप्र , वेदादि हिन्दुओंके प्रशस्त मानबिन्दुओं की रक्षा के अमोघ उपाय , लोकतान्त्रिक शासनकाल में हिन्दुत्व की रक्षा का अन्तर्निहित प्रकल्प एवं सब के मूल पूर्वज की परख ,हिन्दुत्व का द्योतक सनातन शास्त्रसम्मत मर्यादित जीवन , हिन्दुत्व के उद्गमस्रोत वैदिक – सिद्धान्त को समझने और उसके क्रियान्वयन में प्रमाद के फलस्वरूप क्रिश्चियन आदि विविध तन्त्रों की उद्भावना अत एव दार्शनिक,वैज्ञानिक और व्यावहारिक धरातलपर वैदिक सिद्धान्त को विश्वस्तर पर यथावत उद्भासित करने की आवश्यकता , मानवोचित शील की सीमा में विविध तन्त्रों में सामन्जस्य का स्वरूप विषयों पर विस्तृत चर्चा की जायेगी।
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