हमारा देश 15 अगस्त 1947 में आजाद हो गया था, लेकिन हमारा देश 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था। ब्रिटिश शासन से आजादी पाने के बाद भी आज हम अपने ही देश में आजाद होकर नहीं जी पा रहे हैं। दरअसल बीते कुछ दिनों से लगातार उत्तर प्रदेश में हत्याएं हो रही हैं और जब इस मामले में सरकार या प्रशासन से सवाल पूछे जाते हैं तो यह लोग चुप्पी साध लेते हैं, बता दें बीते सोमवार को बलिया में एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आज पत्रकारों ने जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, मैं एक बार फिर से नाम को दोहराना चाहूंगा उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से सवाल किया गया तो उन्होंने पत्रकारों को जवाब देते हुए कहा पत्रकारिता छोड़ दो और नेतागिरी करो। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की हत्या के सवाल पर कहते हैं कि पत्रकारिता छोड़कर नेतागिरी करो। जवाब सही है उनका,लेकिन अब मेरा सवाल है उनसे अगर पत्रकार नेता बन जाएगा तो पीड़ित और आम जनमानस की आवाज को कौन उठाएगा। नेता बनना ना बनना अपनी जगह है, लेकिन क्या इस मामले में उपमुख्यमंत्री को इस तरह का बयान देना सही है। उनके इस बयान के बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं,अगर आप से मामला नहीं सुलझ रहा है तो कहिए इस मामले में मैं कुछ नहीं कर सकता,यह बोलने की क्या जरूरत है साहब की पत्रकारिता छोड़कर नेतागिरी कर लो।
एक तो जनता की आवाज उठाने वाले पत्रकार जो रात और दिन सच को उजागर करने के लिए लगे रहते हैं उनकी हत्या कर दी जाती है और तो और जब इस मामले में सवाल पूछो तो जवाब मिलता है पत्रकारिता छोड़कर नेतागिरी करो बल्कि यह बयान बीजेपी का कोई छोटा-मोटा नेता नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य देते हैं। उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्य नाथ एक तरफ पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान की बात करते हैं और उनकी की पार्टी के उप मुख्यमंत्री इस तरह का बयान देते है इस बात से ये तो समझा जा सकता है की जब देश का चौथा स्तम्भ नहीं सुरक्षित है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रहेगी!
नकुल अवस्थी वरिष्ठ पत्रकार कानपुर
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