अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

कोरबा — विगत तीन चार दिनों से रूक रूकतर हो रही लगातार भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के नदियों , तालाबों के साथ साथ शहरों और गाँवों के सड़कों व घरों में लबालब पानी भरा हुआ है। इससे एक ओर जहाँ मान् जीवन अस्त व्यस्त है वहीं दूसरी ओर पशु पक्षियों का जीवन भी दाँव पर लग चुका है। माँ सर्वमंगला की धरती एवं उर्जाधानी कोरबा से लगे प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कंकेश्वर धाम कनकी में झुण्ड के झुण्ड अप्रवासी पक्षी और उनके चूजे पेंड़ से गिरकर मौत के गाल में समा चुके हैं। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना वन विभाग को दिये जाने के बाद बहुत से घायल अवस्था में पड़े चूजों के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। इन सबको बचाने के क्षेत्र में एक एनजीओ अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। गौरतलब है कि इस कनकी धाम में प्रतिवर्ष प्रवासीय पक्षियों का आगमन होता है ,जो लगभग तीन माह यहीं रहते है। इस दौरान पक्षियो द्वारा प्रजनन किया जाता है। इस बार लगातार भारी बारिश के चलते इन्हें नही बचाया जा सका।

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