अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

बक्सर (बिहार) — वैश्विक महमारी कोरोना के मद्देनजर यांत्रिक विधि वेबीनार के द्वारा पर्यावरण योद्धा जाने और जोड़े कार्यक्रम के तहत बोलेगा बक्सर सुनेगा बिहार कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता आसा पर्यावरण सुरक्षा के राज्य संयोजक विपिन कुमार ने किया व संचालन शिवमणि वेलफेयर एडुकेशनल सोसाइटी बांका के सचिव शिव पूजन जी द्वारा किया गया। वेबिनार में बतौर अतिथि और मार्गदर्शक पीपल नीम तुलसी पटना के संस्थापक डॉ धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि हमे हर गाँव में पर्यावरण प्रहरी बनाना होगा तभी धरती माता का हरित श्रृंगार और देश मे हरियाली का मार्ग प्रशस्त होगा। वेबीनार में वक्ताओं द्वारा जल ,जंगल,जमीन, पशु – पक्षी संरक्षण, कचरा प्रबंधन पर अपने अपने विचार व्यक्त किये गये। जल संरक्षण पर पत्रकार पंकज कमल ने कहा कि जल संरक्षण की बहुत जरूरत है नही तो आने वाले समय मे जल के लिये हमे लड़ना होगा , इसके लिये नदी, तालाब का संरक्षण करना होगा। पशु पक्षियों के संरक्षण पर संजय कुमार और उषा मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पशु पक्षियों का संरक्षण होना जरूरी है। आज स्थिति ये है कि हमारी राजकीय पक्षी गौरैया लुप्त होने के कगार पर है , इसका कारण पेड़ पौधों की कमी और वातावरण का प्रदूषित होना है । कचरा प्रबंधन पर पर्यावरण प्रेमी सुनीता भास्कर ने कहा कि कचरा भी हमारे पर्यावरण के लिये हानिकारक है यदि हम सही तरीके से इसका निस्तारण ना करें तो ये मानव के साथ साथ पर्यावरण के लिये खतरा बनते जा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के जिलाध्यक्ष डॉ० सुरेंद्र कुमार सिंह, राज्य संसाधन समूह साक्षरत बक्सर की सदस्य अनिता यादव और शिक्षक संघ के संयोजक धनंजय मिश्रा ने पेड़ पौधों की महत्ता पर अपने विचार व्यक्त करते हुये इसे बच्चों के स्कूली जीवन से ही जोड़ने की बात कही ताकि लगाने के साथ साथ इसका सही तरीके से संरक्षण हो सके । सिक्का फाउंडेशन के विवेक कुमार ने खेत के मेड़ पर दक्षिण दिशा में पेड़ पौधे लगाने की वकालत की वही योग शिक्षक अजय कुमार ने औषधीय पौधे लगाने की बात कही ताकि इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और हमारा स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। वैद्यनाथ आयुर्वेद में काम करने वाली मैक्रोबॉयो लोजिस्ट अंजली मिश्रा ने पेड़ पौधों के साथ साथ पर्यावरण सुरक्षा के सभी आयामों पर ध्यान देने की बात कही वही प्रभारी प्रखंड तकनीकी प्रबंधक विवेकानंद उपाध्याय ने पर्यावरण सुरक्षा हेतु रासायनिक दवाई के कम इस्तेमाल की बात कही , ताकि हमारे मित्र किट बचे रहे और पर्यावरण संतुलित रहे। डॉ० मनीष कुमार शशि ने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा हेतु जनजागृति फैलाना होगा अन्यथा आने वाले समय मे ऑक्सिजन का सिलेंडर पीठ पर लेकर चलना होगा। आसा के साथी हरेंद्र कुमार ने कहा कि हमे अपने जीवन मे उपहार में पुष्पगुच्छ के बदले पौधा देने की परंपरा को आत्मसात करना होगा। वेबीनार में हिस्सा ले रहे पटना के पर्यावरणविद नीरज , देववृक्ष महायज्ञ मुंगेर के नीतीश कुमार, अनिल राय, मध्यप्रदेश इंदौर के प्रदीप पांडेय गौतम रजक ने बक्सर के साथियों की हौसला को बढ़ाते हुये हर संभव मदद का आश्वाशन देते हुये तकनीकी सहयोग की बात कही। वक्ताओ ने दिव्यांग पौधे पीपल की संरक्षण की बात कही। अन्य वक्ताओं में वृजेश कुमार, मनोज कुमार, विकास राय , लक्ष्मीकांत मुकुल , पिंकी पांडेय ,पत्रकार गोल्डी प्रसाद ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

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