अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर — आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत अपने दो दिवसीय प्रवास पर रायपुर पहुंँचे हुये हैं। इसी बीच प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने ने बड़ा बयान देते हुये संघ और पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर नाराजगी जताते हुये कहा है कि पंद्रह साल सरकार में रहने के बाद हमारी स्थिति ऐसी क्यों बनी है ? इस पर चिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने सलाह देते हुये कहा है कि निर्णय की प्रक्रिया में ज्यादा लोगों को शामिल किया जाये तभी स्वस्थ और अच्छा निर्णय हो पायेगा। जनसंघ की पहचान थी कि जो कार्यकर्ता पराक्रम और परिश्रम का काम करते थे उन्हें महत्व मिलता था। लेकिन जब से परिक्रमा को महत्व मिलने लगा उस दिन से हमारा पतन होने लगता है। छत्तीसगढ़ में सरकार हमें विरासत में नही मिली थी , कांग्रेस के गढ़ को तोड़कर सत्ता पायी थी। अभी वक्त है हमारे निष्ठावान कार्यकर्ता उत्साहित हैं कि कोई उसे प्यार करे, स्नेह करे, उसकी पीठ पर हाथ रखे। वह पद का भूखा नहीं बल्कि स्नेह का भूखा है। यदि उन्हें अपना कर चलें तो 15 साल की पहचान फिर से पा सकते हैं। हालांकि इस पर कई नेताओं ने टिप्पणी करना सही नही समझा तो किसी ने इसे उनका व्यक्तिगत विचार बताया लेकिन भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष के इस बयान से खलबली जरूर मच गयी है।
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