अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

नेपाल ( जनकपुर ) — प्रकृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से पीपल नीम तुलसी अभियान भारत के अलावा विदेशों में भी तीव्र गति से कार्य कर रही है। इस अभियान के तहत पर्यावरण योद्धा पीपल , बरगद , पाकड़ , गूलर जैसे कई प्रजातियों के दिव्यांग पौधे जो दीवारों , छतों , गलियों एवं नालियों पर उग जाते हैं , उन्हें संरक्षित और संवर्धित कर उपयुक्त स्थानों पर रोपित करने का कार्य करते हैं ताकि प्राणियों को शुद्ध प्राकृतिक वायु मिल सके। इसी कड़ी में नेपाल जनकपुर के सुरेश शर्मा ने पीपल अभियान के संस्थापक डॉ० धर्मेंद्र कुमार के विचार से प्रभावित होकर इस बरसात में एक हजार पौधा लगाने का संकल्प लिया है। सुरेश शर्मा ने दूरभाष के माध्यम से अरविन्द तिवारी से चर्चा के दौरान बताया कि आज से दो वर्ष पहले उनके जन्मदिन पर डॉ०धर्मेंद्र जी ने उन्हें जनकपुर में पीपल का पेड़ भेंट किया था तब से वे इस अभियान से जुड़ गये। इस समय वे प्रतिदिन पाँच पौधे लगाते हैं। वे सबसे पहले दिव्यांग पौधों को निकालकर कुछ दिनों तक अपने घरों में खाद पानी देते रहते हैं , फिर उनकी जड़ें मजबूत हो जाने पर किसी बगीचे , तालाब , गार्डन या खुले स्थानों में उनको रोपित करते हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस समय उनके घरों में लगभग दो हजार पौधे सुरक्षित रखे हुये हैं। पौधारोपण के अलावा वे तालाबों एवं नदियों के सफाई पर भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं , असहाय संरक्षण मंच के माध्यम से निर्धन लोगों की हर प्रकार की सहायता भी करते हैं। उनकी टीम में इस अभियान में 50 लोग जुड़े हुये है जो इन सभी कार्यों में उनका सहयोग करते हैं। पौधारोपण कार्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पेंड़ जीवनदायिनी एवं प्रकृति के सौंदर्य है , जो हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं। पौधारोपण करने से मुझे आत्मिक संतुष्टि भी मिलती है। आज के समय में दिनो दिन बढ़ रही पर्यावरण प्रदूषण के मद्देनजर हम सबको अपनी जिम्मेदारियांँ समझते हुये पेड़ अवश्य लगानी चाहिये ताकि पर्यावरण के साथ साथ हमारा जीवन भी सुरक्षित बना रहे।

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