राम मंदिर भूमि पूजन को लेकर बीजेपी का आईटी सेल जानबूझकर कंट्रोवर्सी क्रिएट करने में लगा है, वह चाहता है कि जल्द से जल्द यह मुद्दा पब्लिक डोमेन में चर्चा का विषय बने……… इसलिए मेरे सभी तमाम प्रबुद्ध मित्रों ओर खासकर मुस्लिम मित्रों को एक दोस्ताना सलाह है कि इनके इस एजेंडा को कामयाब न होने दे……उन्हें चिल्लाने दे जितना चिल्लाना है क्योंकि वो यही चाहते हैं कि आप बोले ओर वो लोग हाँक कर अपने मैदान में ले जाए

बिके हुए मीडिया के जरिए वह ऐसी पूरी कोशिश कर रहे है एक से एक खबरे प्लांट की जा रही है जैसे कोई मोहम्द फैज खान मंदिर निर्माण के समर्थन में ने 800 किमी की लंबी पदयात्रा शुरू कर रहा है उसे हिन्दू कट्टरपंथी धमकी दे रहे हैं ऐसे वीडियो वायरल कराए जा रहे हैं यह सब चालबाजी है

एक ओर खबर है कि CPI ने राम मंदिर निर्माण को डीडी पर राम मंदिर के भूमि पूजन के निर्धारित प्रसारण का एक पत्र लिख कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है…… सीपीआई ने आज तक न जाने ऐसे कितने पत्र लिखे होंगे किस पत्र पर आपने चर्चा की है तो अब यह बात उछालने का क्या तुक है? एक खबर ये भी आई है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर निर्णाण से पहले पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश ने तल्ख तेवर अपनाए हैं। अरे एक बात बताइये कि बांग्लादेश को आपके मंदिर निर्माण से क्या मतलब ? यह जबर्दस्ती की प्लांट की गयी खबर है !

राम मंदिर को लेकर उद्धव ठाकरे का यह बयान उछाला जा रहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ई-भूमिपूजन कर सकते हैं, इसमे उध्दव कोई गलत बात नही कर रहे है लेकिन इस खबर को VHP के किसी छुटभैय्ये नेता से निंदा करा के चर्चा में लाया जा रहा है

सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले ने भूमि पूजन पर रोक लगाने की न्यायालय से मांग की है तो उसे कांग्रेस से जोड़ा जा रहा है कि यह याचिका कांग्रेस ने लगवाई है

राम मंदिर के हजारों फीट नीचे एक टाइम कैप्सूल दबाए जाने की बचकानी बाते भी उछाली जा रही हैं

यानी हर वो पैतरा आजमाया जा रहा है जिससे कोई न कोई कंट्रोवर्सी खड़ी हो……… अगर इन बातों से काम नही बना तो आखिरी हथियार ओवैसी को बनाया जाएगा उसके मुँह से कुछ उल्टे सीधे बयान दिलवाए जाएंगे और नया विवाद क्रिएट करेंगे….. मेरी आपसे यही अपील है कि इनकी चालबाजियों में मत आए और सही मुद्दों पर सरकार की तीखी आलोचना कीजिए वो चाहे मूल जरूरतों की हो ,स्वास्थ सुविधा की हो या मंदिर की हो वर्तमान देश की क्या जरूरत है

Hemant kumar patel wall support

संपादकीय डेस्क

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