अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

चाँपा — धर्मसंघ पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी आनन्द वाहिनी जिला जांँजगीर चांँपा इकाई द्वारा सर्वभूतहृदय यतिचक्रचूड़ामणि धर्मसम्राट स्वामी श्रीकरपात्री जी महाराज के 113 वें प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर श्रीजगन्नाथ मठ चाम्पा में सर्वजनकल्याणार्थ रुद्राभिषेक आयोजित हुआ। पं० दिनेश दुबे , पं०पद्मेश शर्मा , पं० केदार मिश्रा के आचार्यत्व में वैदिक रीति से यजमान सिद्धनाथ सोनी – रजनी सोनी , बी० डी० दीवान — संगीता दीवान के द्वारा पूजन आराधना संपन्न हुआ। इस अवसर पर लिलेश्वर तिवारी , मोहन द्विवेदी , चंद्र शेखर पांडे , योगेश पाठक , दुश्यंत सोनी , मठ के पुजारी पं कृष्ण धर मिश्रा उपस्थित थे । तत्पश्चात् स्वामी श्रीकरपात्री जी के जीवनवृत्त पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। अपने उद्बोधन में पीठ परिषद महामंत्री आचार्य पद्मेश शर्मा ने कहा कि वर्तमान पुरी शंकराचार्य जी श्रीकरपात्री जी महाराज के दीक्षित शिष्य हैं और उनके राजनीति में शोधन प्रक्रिया , गोवंश संरक्षण जैसे अधूरे अभियान को पूर्ण करने हेतु संकल्पित हैं। पीठ परिषद् के बी०डी० दीवान ने कहा कि धर्मसम्राट भगवान के द्वारा जो वेदांगमय परिभाषा राजनीति के संदर्भ में की गई है वह आज भी प्रासंगिक है। श्रीकरपात्रीजी ने कहा कि सुसंस्कृत , सुशिक्षित , सुरक्षित , संपन्न , सेवापरायण , स्वस्थ व्यक्ति और समाज की स्थापना तथा धर्मनियन्त्रित , पक्षपातविहीन , शोषणविनिर्मुक्त , सर्वहितप्रद शासनतन्त्र ही रामराज्य की आधारशिला हो सकती है। आचार्य दिनेश दुबे ने श्रीकरपात्रीजी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुये कहा कि वे एक तपस्वी थे उनमें विलक्षण दैवीय प्रतिभा थी । सनातन संस्कृति की रक्षा के लिये भूरे भारतवर्ष का भ्रमण किया तथा राजनीतिक शुद्धता के लिये रामराज्य परिषद की स्थापना की और अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम की समाप्ति हुई।

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