अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

लखनऊ — मध्यप्रदेश के गवर्नर लालजी टंडन (85 वर्ष) का आज सुबह निधन हो गया। वे बीते कई दिनों से बीमार चल रहे थे और उनका ईलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा था। उन्हें 11 जून को सांस लेने में परेशानी, बुखार और पेशाब में दिक्‍कत के कारण लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आपरेशन के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी जिसके कारण उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। उनकी अनुपस्थिति में उत्तरप्रदेश की राज्‍यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्‍यप्रदेश का अतिरिक्‍त कार्यभार दिया गया था। मूल रूप से उत्तरप्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहने वाले टंडन प्रदेश की भाजपा सरकारों में कई बार मंत्री भी रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी के रूप में जाने जाते रहे। इन्होंने वाजपेयी के चुनाव क्षेत्र लखनऊ की कमान संभाली थी और निधन बाद लखनऊ से ही 15वीं लोकसभा के लिये भी चुने गये। लालजी टंडन को 2018 में बिहार का गवर्नर बनाया गया। इसके बाद 2019 में उन्हें मध्यप्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। आज शाम 04:30 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अन्तिम संस्कार किया जायेगा।

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