आज ही के दिन 26 जून 1874 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में छत्रपति शाहू जी महाराज का जन्म हुआ था। शाहू जी महाराज जिनके बारे में कहा जाता है कि सामाजिक न्याय एवं सांस्कृतिक न्याय के बारे में बात कि जाएगी तब तब छत्रपति शाहू जी महाराज का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।
बात हम कर रहे हैं ब्रिटिश साम्राज्य के ज़माने की जब लगभग पूरे देश में अंग्रेजी हुकूमत सत्ता में थी ।उस वक्त 10 गिने चुने राज्यों में कोल्हापुर राज्य की स्थिति सबसे ज्यादा ताकतवर थी,और उस राज्य के राजा थे लोकराजा छत्रपति शिवाजी महाराज के पौत्र श्रीमंत छत्रपति शाहू जी महाराज। देश का पहला आधुनिक राजा जिन्होंने पहली बार अपने राज्यों के वंचित गरीब तबके के जनता के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था देकर उनको समाज के मुख्यधारा जोड़ने का काम किया।
आज हमलोग संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी को बाबा साहेब डॉ भीम राव अम्बेडकर कहते हैं, इनके पीछे छत्रपति शाहू जी महाराज ही थे, जिन्होंने बाबा साहब को भरपूर आर्थिक सहायता प्रदान किये,और मुकनायक जैसी पत्रिका को डॉ भीम राव अम्बेडकर जी ने प्रकाशित किया।
लेकिन आज के परिदृश्य में छत्रपति शाहू जी महाराज के द्वारा किये कार्यों को हमलोग भूलते जा रहे हैं, इतिहास में जितना स्थान इन्हें मिलना चाहिए था शायद उतना नहीं मिल सका। एकपक्षीय इतिहास को लिखा जा रहा है, शाहू जी महाराज आज के राजनीतिक एवं सामाजिक समानता के नेपथ्य में चले गए हैं।
वो कहा करते थे, बस कुछ समय के बाद देश आजाद हो जाएंगे, न राजे रहेंगे, न रजवाड़े रहेंगे।लेकिन ये देश रहना चाहिए, यहाँ के जनता में समानता रहे, तभी देश समृद्ध एवं शक्तिशाली बनेगा।
आज जरूरत है शाहू जी महाराज को पढ़ने को, समझने को, तभी देश में एकरूपता का भाव जग सकता है। आपका:-#प्रीतममहतो प्रमुख छत्रपति शिवाजी सामाजिक संगठन बिहार प्रदेश