लॉकडाउन के दौरान ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन जैसे मोटर वाहनों से जुड़े कागजात वैधता खत्म हो रही हो तो घबराइए मत। आपके ये कागजात 30 जून तक वैध रहेंगे। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने जरूरी निर्देश राज्यों को जारी कर दिया है।केंद्र सरकार की तरफ से सभी राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि मोटर वाहनों से जुड़े फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य दस्तावेज एक फरवरी 2020 या इसके बाद वैधता हो रही हैं तो वे 30 जून 2020 तक वैध रहेंगे। ऐसा इसलिए, क्योंकि लॉकडाउन की वजह से आरटीओ दफ्तर बंद हैं।
केंद्र सरकार की तरफ से सभी राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया हैमोटर फिटनेस, परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण और अन्य दस्तावेज एक्सपायर हुए तो 30 जून तक रहेंगे वैधदेशव्यापी तालाबंदी और सरकारी परिवहन कार्यालयों को बंद होने के कारण रिन्युअल में परेशानी
मंत्रालय का कहना है कि देशव्यापी तालाबंदी और सरकारी परिवहन कार्यालयों को बंद होने के कारण विभिन्न मोटर वाहन दस्तावेजों की वैधता को रिन्यू करने में हो रही कठिनाइयों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
सरकार ने कामर्शल परमिट पर टैक्सी—बस आदि जैसे वाहन चलाने वालों को भी राहत दी है। परिवहन मंत्रालय ने राज्यों से कहा है लॉकडाउन की अवधि में टैक्सी बस आदि तो चल नहीं रहे हैं। ऐसे में इन कामर्शल परमिट धारकों को इस अवधि के लिए कर के भुगतान से छूट दी जाए। इसे नॉन यूज क्लॉज की सुविधा कहा जाता है। ऐसी सुविधा कुछ राज्यों में है, लेकिन अब इसे देशभर में लागू करें। इसके लिए एनआईसी से कहा गया है कि वाहन सॉफ्टवेयर पर जरूरी सुधार कर दें।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और पंजीकरण जैसे दस्तावेजों की वैधता को विस्तार दिया है, जिनकी वैधता अवधि 1 फरवरी से समाप्त हो चुकी है। सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को भेजे गए एक परामर्श पत्र में मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे दस्तावेजों को 30 जून तक वैध माना जाना चाहिए।
देश में लॉकडाउन और सरकारी परिवहन कार्यालयों के बंद रहने के कारण लोगों को विभिन्न वाहन दस्तावेजों की वैधता के नवीनीकरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की सुविधा के लिए यह निर्णय लिया गया है।
इन दस्तावेजों में फिटनेस, परमिट (सभी प्रकार के), ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण या मोटर वाहन नियम के तहत कई अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
मंत्रालय ने सभी राज्यों से परामर्श को अक्षरशः लागू करने का अनुरोध किया है ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों, परिवहन कंपनियों और संगठनों को परेशानी न हो और उन्हें कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
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