अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट बिलासपुर — प्रशासनिक भवन में जब बिलासपुर विश्वविद्यालय की कुलपति अंजिला गुप्ता पत्रकारों से बातचीत करते हुये केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में महामहिम राष्ट्रपति के आगमन को ऐतिहासिक बता रही थीं। ठीक उसी समय बाहर छात्र परिषद नेता और पदक प्राप्त करने वाले छात्रों द्वारा कुलपति के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। पत्रकार वार्ता के बाद छात्र नेताओं ने बताया कि कुलपति ने दीक्षांत समारोह से छात्र परिषद ही नहीं बल्कि अन्य गोल्डमेडलिस्टों को भी दूर रखा है। छात्र परिषद के नव निर्वाचित अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा हम लोगों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। यही कारण है कि कुलपति हम लोगों को दीक्षांत समारोह से दूर कर दिया है। विश्वविद्यालय में सड़क नहीं है , ठीक से पेयजल की व्यवस्था नहीं है। बस की कमी है। लेकिन ढाई करोड़ का डोम और डेढ़ करोड़ का गेट निर्माण किया गया है। इस बात को हम राष्ट्रपति के सामने रखना चाहते है। एक फरवरी को चुनाव हो चुका है और 22 दिन का ग्रेवांस पीरियड खत्म हो चुका है। लेकिन अभी तक शपथ नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि यदि हमें राष्ट्रपति से मिलने का मौका नहीं मिला तो हम सभी गोल्डमेडलिस्ट पदक लौटाकर हम अपना विरोध प्रदर्शन करेंगे। वहीं पूर्व छात्र परिषद नेता उदयन शर्मा ने कहा कि हम राष्ट्रपति का विरोध नहीं कर रहे है। हमारा विरोध दीक्षांत समारोह से भी नहीं है। लेकिन भ्रष्टाचार और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ हमारी नाराजगी जरूर है।
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