अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट वाराणसी — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल वाराणसी कैंट स्टेशन पर बीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये ओंकारेश्वर , महाकालेश्वर और कांशी विश्वनाथ को जोड़ने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखायी। दो राज्यों के तीन ज्योतिर्लिंगों को जोड़ने वाली काशी महाकाल एक्सप्रेस में कोच B5 के सीट 64 को भगवान शिव के लिये आरक्षित रखा गया है जिसमें शिवजी का एक छोटा सा मंदिर बनाया गया है। अब इस सीट को हमेशा के लिये भगवान शिव के लिये आरक्षित करने को लेकर रेलवे प्रशासन इस पर विचार कर रहा है।यह पहला मौका है जब एक सीट भगवान शिव के लिये आरक्षित और खाली रखी गई है।

ओवैसी ने साधा निशाना

काशी महाकाल एक्‍सप्रेस में एक सीट को भगवान शिव के लिये आरक्षित करने और उसे मंदिर का रूप देने पर राजनीति शुरू हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने महाकाल एक्‍सप्रेस को हरी झंडी दिखाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। ओवैसी ने ट्वीट कर पीएम मोदी को भारतीय संविधान के प्रस्‍तावना की याद दिलाई है। ओवैसी ने इस ट्वीट के जरिये इशारों ही इशारों में ट्रेन की एक सीट को शिव मंदिर में बदलने पर आपत्ति जतायी है। एआईएमआईएम चीफ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह बताने की कोशिश की है कि संविधान इस बात की घोषणा करता है कि भारत एक, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राष्ट्र है। रेलवे का यह कदम ‘संविधान की आत्‍मा’ कहे जाने वाले प्रस्‍तावना के खिलाफ है।

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