अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट नई दिल्ली — दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांँच भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संजीव चावला को आखिरकार 19 साल बाद लंदन से भारत लाने में सफलता हासिल कर ली। वर्ष 2000 के मैच फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला को कई कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा सका है। उनके भारत आने से अब मैच फिक्सिंग की दुनियाँ के तमाम राज खुल सकते हैं। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के डीसीपी राम गोपाल नाइक की टीम जो इस मामले की जांच कर रही है वो आज सुबह करीब 10:30 बजे संजीव को लेकर दिल्ली इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंँची।क्रिकेट सट्टेबाज संजीव चावला को एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-112 से आज सुबह भारत लाया गया। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम बुधवार-गुरुवार की रात ग्लोबल क्रिकेट सट्टेबाज संजीव चावला को लेकर लंदन से भारत के लिये रवाना हुई थी। वर्ष 2000 में 16 फरवरी और 20 मार्च को खेले गए भारत-दक्षिण अफ्रीका के मैच फिक्स करने के लिए दिल्ली पुलिस ने साउथ अफ्रीका टीम के कैप्टन रह चुके दिवंगत हैंसी क्रोनिए और पांच अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। साउथ अफ्रीका के खिलाड़ी हर्शल गिब्स और निकी बोए के फिक्सिंग से जुड़े होने के पर्याप्त सबूत न मिलने पर उनका नाम चार्जशीट से हटा दिया गया था। इस संबंध में 2013 में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी। इसमें हैंसी क्रोनिए, सट्टेबाज संजीव चावला, मनमोहन खट्टर, दिल्ली के राजेश कालरा और सुनील दारा सहित टी सीरीज के मालिक के भाई कृष्ण कुमार को आरोपित बनाया गया था। इसके बाद से पुलिस संजीव को भारत लाने का प्रयास कर रही थी। हालांकि मानवाधिकारों का हवाला देकर आरोपित ने यूरोपियन कोर्ट में प्रत्यर्पण के खिलाफ गत 23 जनवरी को अर्जी लगाई थी, जिसे कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था।

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