अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट प्रयागराज — कड़ी सुरक्षा के बीच आस्था, विश्वास और संस्कृतियों के संगम में तीर्थराज प्रयाग के माघ मेला में आज माघी पूर्णिमा पर साधु संतों सहित लाखों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अदृश्य सरस्वती की त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगायी। संगम किनारे तड़के दूधिया रोशनी के बीच चार बजे से ही महिला, पुरुष, युवा, बच्चे और दिव्यांगों ने गंगा में खड़े होकर श्रद्धालु ने पुण्य की डुबकी लगानी शुरू कर दी। शीत लहर में भी श्रद्धालुओं की आस्था अडिग रही। आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं में केवल भारतीय ही नहीं बल्कि कुछ विदेशियों को भी संगम तीरे आध्यात्म का आनंद लेते देखा गया। इसी तरह हरिद्वार के हरकी पौड़ी , मथुरा के विश्राम घाट , वाराणसी के अस्सी घाट ,दशाश्वमेध समेत तमाम घाटों पर भी बड़ी तादाद में लोग आकर पवित्र स्नान किये । माघी पूर्णिमा में गंगा स्नान का अपना एक विशेष महत्व है। इस दिन लोग गंगा स्नान करने के बाद सामर्थ्य के हिसाब से दान पुण्य भी करते हैं । इसे लेकर तमाम तरह की मान्यतायें भी है। सभी धार्मिक स्थलों के घाटों पर सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किये गये हैं। तो वही नाव की मदद से भी लोगों पर नजर रखी जा रही है। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के पहुंँचने और स्नान करने का सिलसिला अभी भी जारी है।
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