अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट नई दिल्ली — अब सुप्रीम कोर्ट निर्भया के चारों दोषियों (अक्षय सिंह ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय कुमार शर्मा और पवन कुमार गुप्ता) को फांसी दिये जाने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल केंद्र सरकार की याचिका पर 11 फरवरी को सुनवाई करेगा। दरअसल हाईकोर्ट ने दोषियों को अपनी रेमेडी का इस्तेमाल करने के लिये एक हफ़्ते का समय दिया था। हाईकोर्ट के फैसले को देखते हुये सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पहले हाईकोर्ट कि ओर से दिया गया सात दिन का वक्त पूरा हो जाने के बाद ही केंद्र की याचिका पर नोटिस जारी करना उचित होगा। इस कारण से सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई 11 फरवरी को रखी है।

क्या है निर्भया गैंगरेप मामला

16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिकल स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी। तभी वहां से गुजर रही एक प्राइवेट बस में सवार होते ही एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था। इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया। बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर ईलाज के लिये एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था जहांँ 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गयी थी। घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ दिया गया था।

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