अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट नई दिल्ली — भारत का कोई भी व्यक्ति या क्षेत्र पीछे न रह जाये यह सुनिश्चित करना ही गणतंत्र दिवस की परेड का यही ध्येय है। ‘एक भारत’ के विचार पर बोलते हुये उन्होंने कहा, भारत एक जीवित परंपरा और एक विचार है। यहांँ जितने भी युवा साथी आये हैं मेरा आपसे आग्रह रहेगा कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की ज्यादा से ज्यादा चर्चा करें। चर्चा ही नहीं, बल्कि खुद अमल करके, उदाहरण पेश करें। हमारे ऐसे ही प्रयास न्यू इंडिया का निर्माण करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अपने आधिकारिक आवास पर नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के छात्र छात्राओं से मुलाकात की। गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने वाले एनसीसी, एनएसएस के छात्रों को संबोधित करते हुये मोदी ने कहा कि एनसीसी और एनएसएस के माध्यम से अनुशासन और सेवा की एक समृद्ध परंपरा जब राजपथ पर दिखती है तो देश के करोड़ों युवा प्रेरित और प्रोत्साहित होते हैं। पीएम ने कहा कि भारत सिर्फ सरहदों के भीतर 130 करोड़ लोगों का घर नहीं, भारत एक राष्ट्र के साथ-साथ एक जीवंत परंपरा है, एक विचार है, एक संस्कार है, एक विस्तार है. उन्होंने कहा कि भारत की श्रेष्ठता की एक और शक्ति इसकी भौगोलिक और सामाजिक विविधता में ही है. हमारा ये देश एक प्रकार से फूलों की माला है, जहां रंग-बिरंगे फूल भारतीयता के धागे से पिरोये गये हैं।प्रधानमंत्री ने परेड में शामिल होने वाले इन छात्रों से कहा कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की ज्यादा से ज्यादा चर्चा करें. चर्चा ही नहीं, बल्कि खुद अमल करके, उदाहरण पेश करें। हमारे ऐसे ही प्रयास न्यू इंडिया का निर्माण करेंगे।

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