![] कोलकाता — नागरिकता संशोधित कानून के विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर कल से पश्चिम बंगाल पहुँचे हुये हैं। मोदी ने कोलकाता में नवीनीकरण के बाद चार ऐतिहासिक इमारतोंका लोकार्पण किया। उन्होंने ओल्ड करंसी बिल्डिंग, बेलवेडरहाउस, मेटकाफहाउस और विक्टोरिया मेमोरियल हॉल को बंगाल की संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा,”हम भारत के सांस्कृतिक सामर्थ्य को हेरिटेज टूरिज्म का जरिया बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे रोजगार के अवसर बनेंगे। सरकार पहले चरण में कोलकाला, वाराणसी, अहमदाबाद और दूसरे चरण में दिल्ली, चेन्नई और हैदराबाद में मौजूद म्यूजियमों का जीर्णोद्धार करेगी।”
इस दौरान मोदी कोलकाता बंदरगाह ट्रस्ट की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित समारोह में रवीन्द्र सेतु (हावड़ा ब्रिज) की सिंक्रोनाइज्ड लाईट एंड साउंड सिस्टम के साथ गतिशील वास्तुकला रोशनु का अनावरण किया। इसके बाद हुगली नदी के पार हावड़ा जिले में स्थित रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ पहुंँचे जहांँ वरिष्ठ संतों ने उनका स्वागत किया और वे मठ में ही रात्रि विश्राम किये। बेलूर मठ में रात्रि विश्राम करने वाले वे देश के पहले प्रधानमंत्री बन गये हैं। गौरतलब है कि इंदिरा गांधी समेत देश के कई पूर्व प्रधानमंत्री बेलूर मठ का दौरा कर चुके हैं लेकिन उनमें से किसी ने भी वहां रात्रि विश्राम नहीं किया। आज सुबह वे मठ आरती में शामिल हुये और ध्यान भी किये। हालांकि उनका रात्रि विश्राम राजभवन में ही करने का कार्यक्रम तय था।
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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