![]  जिला शिक्षा अधिकारी ने दिए उप शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश | ◇ बगैर विभागीय अनुमति करोड़ों रुपए मूल्य की भूमि खरीदने का है मामला |

 राजभवन/शासन के निर्देश पर भी विभाग नहीं कर रहा था कार्यवाही।

 सूचना आयोग के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने की कार्रवाई शुरू |

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने बयान जारी कर कहा कि मुख्यमन्त्री श्री त्रिवेन्द्र रावत की धर्मपत्नी श्रीमती सुनीता रावत द्वारा बिना विभागीय अनुमति के करोड़ों रूपये मूल्य की भूमि खरीदने के मामले में मा. सूचना आयोग के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी, देहरादून ने उप शिक्षा अधिकारी, रायपुर, देहरादून को दिनांक 5/10/19 को कार्रवाई के निर्देश दिए | नेगी ने कहा कि उक्त मामले को लेकर मोर्चा द्वारा राजभवन व शासन में शिकायत दर्ज करायी गयी थी। राजभवन के निर्देश, जुलाई 2018 पर शासन ने शिक्षा निदेशालय को कार्यवाही के निर्देश जारी किये थे तथा उक्त निर्देश के क्रम में निदेशालय द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी, देहरादून को कार्यवाही के निर्देश जारी किये गये। उक्त मामले में कोई कार्याही नहीं की गयी थी, चूँकि मामला मुख्यमन्त्री की पत्नी का था तथा श्रीमती रावत रायपुर ब्लाॅक के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। सरकारी सेवक को भूमि/भवन इत्यादि खरीदने से पहले विभागीय अनुमति लेनी आवश्यक होती है।

श्रीमती रावत द्वारा कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 का उल्लघंन किया गया था।

उक्त मामले में मा0 सूचना आयुक्त श्री जे0पी0 ममंगाई ने गम्भीरता दिखाते हुए दिनांक 4/ 10/19 को जिला शिक्षा अधिकारी, देहरादून को 3 सप्ताह के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिये थे। मोर्चा ने श्री त्रिवेंद्र को नसीहत दी कि जुमले गढ़ने से पहले,घर से जीरो टॉलरेंस की शुरुआत करें |

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