,भुवनेश्वर (जगन्नाथपुरी) — अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का दिया गया फैसला देश हित के लिये खतरनाक सिद्ध होगी और इससे आगामी दिनों में अशांति उत्पन्न होगी। अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिये सुप्रीम कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांँच एकड़ जमीन दी, वह दुर्भाग्यजनक है। यह भविष्य में आतंकियों के मुख्य ठिकाने के रूप में तब्दील हो जायेगी।
पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमद्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी ने स्थानीय रेलवे ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष पत्रकार सम्मेलन में अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुये कहा कि हिंदू एवं मुसलमान शांति में रहे, इसीलिये भारत एवं पाकिस्तान अलग हुये थे। हालांकि अब दोनों ही देशों में शांति नहीं है। पाकिस्तान आतंकियों का केंद्र बिंदु बन गया है। यह बात खुद वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान ने स्वीकार की है। इसके बावजूद हम अपनी जमीन आतंकियों को दे रहे हैं। उक्त पांच एकड़ जमीन में यदि मस्जिद बनायी जाती है तो फिर अयोध्या और एक मक्के में तब्दील हो जायेगा। शंकराचार्य ने कहा कि आतंकियों का प्रवेश द्वार बन जाएगा और उत्तरप्रदेश पाकिस्तान में तब्दील हो जायेगा। एक ही जगह पर यदि मंदिर और मस्जिद बनायी जानी थी तो फिर पहले क्यों नहीं बनायी गयी ?
शंकराचार्य ने कहा कि नरसिम्हा राव एवं वाजपेयी सरकार के समय में समान निर्णय लिया गया था। इस पर हम राजी नहीं हुये थे, ऐसे में इस निर्णय को रद्द करना पड़ा था। सुप्रीम कोर्ट ने राय प्रकाशित करने से पहले चारों धाम के शंकराचार्य से सलाह नहीं ली। राजनेता अपने हित साधन के लिये धर्मगुरु बना रहे हैं एवं उनके मतों के आधार पर अपने हित साधते हैं। ऐसे में संसद में विशेष अधिवेशन बुलाकर सुप्रीम कोर्ट की राय को खारिज करने के लिये जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने मांग की है।
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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