।भुवनेश्वर (जगन्नाथपुरी) — अनन्त श्री विभूषित श्री ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगदगुरु शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि सूर्यवंश में समुत्पन्न मनुपुत्र राजस्वी ईक्ष्वाकु महानुभाव के द्वारा सुप्रतिष्ठित ” अयोध्या ” विश्व की मानव विनिर्मित प्रथम राजधानी है। वह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीरामचन्द्र जी की जन्मभूमि है ।स्कन्ध पुराणादि के श्रीराम जन्म स्थल का स्पष्ट वर्णन किया गया है । भगवान श्री र‍ाम के द्वारा स्थापित राज्य रामराज्य के रुप में ख्यापित है। यह तथ्य विश्व स्तर पर प्रसारित है। सनातन शासन , सनातन धर्म और दर्शन के उपयुक्त भावों को व्यावहारिक धरातल पर अवतरित करता है । सनातनीयों ने विश्व में धर्मराज्य और रामराज्य प्रतिष्ठित कर विश्व मानव को आश्चर्यचकित किया है। बहुत कुछ अंशों में भारत स्वतंत्र होने पर भी परतंत्र है। भारत एक स्वतंत्र देश है और अगर यहाँ उस तत्व का भी अधिकार माना जाता है जिन्होंने बर्बरतापूर्वक मानवता की धज्जियांँ उड़ाकर शासन किया था तो कोई भी यह सिद्ध नही कर सकता कि भारत एक स्वतंत्र देश है। ग्रंथों से प्राप्त अनुग्रह के आधार पर मैं मैं कहता हूँ कि भारत में अभी वह क्षमता नही है कि वह अतीत या भूत से शिक्षा ले सके।

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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