![] रायपुर — देश के सुविख्यात कवि-लेखक गजानन माधव मुक्तिबोध की जयंती 13 नवंबर के अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म एण्ड विजुअल आर्ट सोसायटी पांँच दिवसीय मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य समारोह 2019 का आयोजन राजधानी रायपुर में करने जा रही है। इस संबंध में जानकारी देते हुये छत्तीसगढ़ फिल्म एंड विजुअल आर्ट सोसायटी के अध्यक्ष सुभाष मिश्र ने फोन में अरविन्द तिवारी को बताया कि इस नाट्य समारोह के समापन अवसर पर 17 नवंबर को दोपहर 02:00 बजे से जनमंच रायपुर में सुप्रसिद्ध आर्ट डायरेक्ट, रंग निर्देशक जयंत देशमुख और सुप्रसिद्ध रंगकर्मी, मध्यप्रदेश ड्रामा स्कूल के डायरेक्टर आलोक चटर्जी रंगमंच और सिनेमा पर बातचीत करेंगे।
इस पंचदिवसीय नाट्य समारोह में इस समय देश में बहुचर्चित 05 नाटकों की प्रस्तुति होगी। समारोह के पहले दिन 13 नवंबर 2019 को शाम 07:30 बजे मुक्तिबोध राष्ट्रीय नाट्य समारोह के उद्घाटन पश्चात बहुचर्चित नाटक द्रौपदी का मंचन किया जायेगा जिसकी लेखिका, निर्देशिका सुश्री अस्मिता भट्ट, मुंबई है। अस्मिता भट्ट देश के ख्याति प्राप्त रंग निर्देशिका और अभिनेत्री है। समारोह के दूसरे दिन 14 नवंबर 2019 को शाम 07:00 बजे नाटक प्रेम पॉलिटिक्स नाटक का मंचन होगा। रंगदूत सीधी मध्यप्रदेश की इस नाट्य प्रस्तुति के लेखक व निर्देशक प्रसन्न सोनी है यह नाटक नदियों की प्रेम कथा है यह नाटक प्रेम का नाटक नहीं बल्कि दिन ब दिन प्रेम में घुलते जा रही नफरत और हिंसा का नाटक है यह नाटक सोम-नर्मदा का नाटक है। समारोह के तीसरे दिन 15 नवंबर 2019 शाम 07:00 बजे नाटक तितली का मंचन किया जायेगा। इसके लेखक पंकज सोनी है और इसका निदेशन सचिन वर्मा ने किया है। नाट्य गंगा, छिंदवाड़ा की यह प्रस्तुति पूरे देश में सराही गई है। समारोह के चौथे और पांचवे दिन समागम रंगमंडल जबलपुर की दो नाटय प्रस्तुतियां होंगी। 16 नवंबर 2019 शाम 07:00 बजे नाटक गिरीश कर्नाड लिखित बहुचर्चित नाटक अग्नि और बरखा का मंचन किया जायेगा। इस नाटक का निर्देशन आशीष पाठक, जबलपुर ने किया है। समारोह के अंतिम दिन 17 नवंबर 2019 भी दोपहर में रंगमंच और सिनेमा पर संगोष्ठी होगी। जिसमें जयंत देशमुख और आलोक चटर्जी बातचीत करेंगे। इसी दिन शाम 07:00 बजे नाटक अगरबत्ती का मंचन किया जायेगा। यह नाटक इस समय सर्वश्रेष्ठ नाटकों में से एक है। जिसका मंचन पूरे देश में अलग-अलग स्थानों में जारी है। इस नाटक लेखक आशीष पाठक है और इसका निर्देशन स्वाति दुबे, जबलपुर ने निर्देशित किया है। नाट्य के समारोह के शामिल होने के लिये किसी प्रकार का शुल्क नहीं है।
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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